1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 15 Jan 2026 02:08:23 PM IST
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Patna Ganga Riverfront : राजधानी पटना के गंगा तटों को आधुनिक और आकर्षक स्वरूप देने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू हो गई है। दीघा से दीदारगंज तक करीब आठ किलोमीटर लंबे गंगा किनारे रिवर फ्रंट विकसित करने की योजना पर पटना नगर निगम काम कर रहा है। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है, जिसे नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की आगामी बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना को राज्य और केंद्र सरकार के पास स्वीकृति एवं वित्तीय सहायता के लिए भेजा जाएगा।
नगर निगम की योजना के अनुसार, रिवर फ्रंट परियोजना के तहत गंगा किनारे पैदल पथ, हरित क्षेत्र, बैठने की समुचित व्यवस्था, आकर्षक लाइटिंग, सौंदर्यीकरण और पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य गंगा तट को केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित न रखकर, उसे एक आधुनिक और सुसंगठित सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करना है, जहां शहरवासी और पर्यटक दोनों समय बिता सकें।
अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह कलेक्ट्रेट घाट से दीघा घाट तक का इलाका आज पटना की पहचान बन चुका है, उसी तर्ज पर अब पटना सिटी की ओर नौजर कटरा से दीदारगंज तक का क्षेत्र भी नए आकर्षण के रूप में उभरेगा। रिवर फ्रंट बनने से गंगा किनारे की सुंदरता में इजाफा होगा और शहर का शहरी स्वरूप और अधिक निखरेगा। सुबह-शाम टहलने वालों, योग और व्यायाम करने वालों के लिए यह स्थान खास होगा, वहीं परिवार और पर्यटक यहां प्राकृतिक सौंदर्य के बीच समय बिता सकेंगे।
रिवर फ्रंट परियोजना से पटना में पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। गंगा किनारे विकसित होने वाले पैदल पथ और हरित क्षेत्र लोगों को आकर्षित करेंगे। इसके साथ ही छोटे व्यवसाय, खानपान से जुड़े स्टॉल, कैफे, पर्यटन सेवाएं और अन्य स्थानीय गतिविधियां शुरू होने से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। नगर निगम का मानना है कि यह परियोजना न सिर्फ शहर की छवि सुधारेगी, बल्कि पटना की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगी।
नौजर कटरा से दीदारगंज तक का क्षेत्र ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस इलाके में खाजेकलां घाट, मिरचाई घाट, कंगन घाट, टेरी घाट, किला घाट, पीरदमड़िया घाट और दीदारगंज जैसे प्रसिद्ध घाट स्थित हैं। कंगन घाट पर हाल के महीनों में कई नई सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे यह पहले ही लोगों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है। अब सभी घाटों को एकसाथ जोड़कर रिवर फ्रंट के रूप में विकसित करने से इस पूरे क्षेत्र की पहचान और मजबूत होगी।
पटना नगर निगम की ओर से तैयार की जा रही डीपीआर को मेयर, डिप्टी मेयर और नगर आयुक्त की मौजूदगी में होने वाली बैठक में रखा जाएगा। इस बैठक में परियोजना को लेकर सहमति बनाने की तैयारी है। इसके बाद प्रस्ताव को राज्य सरकार और केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा, ताकि आवश्यक स्वीकृति और फंड मिल सके। यदि सब कुछ योजना के अनुसार आगे बढ़ा, तो आने वाले वर्षों में पटना को एक भव्य और आधुनिक रिवर फ्रंट मिलने जा सकता है।
पिछले कुछ वर्षों में जेपी गंगा पथ और मरीन ड्राइव पटना के लोगों के लिए सैर-सपाटे और मनोरंजन का प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। अब दीघा से दीदारगंज तक प्रस्तावित रिवर फ्रंट शहर की दूसरी बड़ी पहचान बन सकता है। इससे न सिर्फ पटना की सुंदरता में इजाफा होगा, बल्कि गंगा के साथ शहर का रिश्ता भी एक नए, आधुनिक और जीवंत रूप में सामने आएगा।