पटना: राजधानी पटना का गांधी मैदान आज से राम, सीता, लक्ष्मण और रावण की कथा से गूंजने वाला है। दशहरे के अवसर पर गांधी मैदान में हर साल होने वाली ऐतिहासिक रामलीला का रविवार से भव्य आगाज हो रहा है। श्री दशहरा कमिटी ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस महोत्सव में इस बार दिल्ली के सांस्कृतिक कला संगम के कलाकार भगवान श्रीराम के जीवन और आदर्शों को मंच पर जीवंत करेंगे। खास बात यह है कि इस बार रामलीला को आधुनिक तकनीक से और भी आकर्षक बनाने की तैयारी है। मंच के बैकग्राउंड में LED स्क्रीन और स्पेशल इफेक्ट्स का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे दर्शकों को रामलीला के दृश्य पहले से ज्यादा जीवंत नजर आएंगे।
रामलीला महोत्सव का उद्घाटन रविवार शाम चार बजे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार करेंगे। उद्घाटन समारोह में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे। उद्घाटन के बाद रामलीला का मंचन शुरू होगा और शाम छह बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर चलेगा।
चार दिन रामलीला के साथ गीत-संगीत और नृत्य का रंग
गांधी मैदान में होने वाला यह आयोजन केवल रामलीला तक सीमित नहीं रहेगा। 11 से 14 अक्टूबर तक हर दिन शाम चार बजे से रामलीला का मंचन होगा। इसके बाद शाम छह बजे से सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी। गीत-संगीत, नृत्य और दूसरी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए कलाकार दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। आयोजकों के मुताबिक इन कार्यक्रमों में देश के चर्चित कलाकार भी अपनी प्रस्तुति देंगे। यानी गांधी मैदान में इन चार दिनों तक धार्मिक आस्था के साथ-साथ कला और संस्कृति का भी संगम देखने को मिलेगा। परिवार के साथ रामलीला देखने आने वाले लोगों के लिए यह आयोजन मनोरंजन और भक्ति दोनों का अनुभव देने वाला होगा।
15 से 19 अक्टूबर तक शाम छह बजे होगी रामलीला
14 अक्टूबर के बाद कार्यक्रम का स्वरूप बदलेगा। 15 से 19 अक्टूबर तक हर दिन शाम छह बजे से रामलीला का मंचन किया जाएगा। इस दौरान रामायण के अलग-अलग प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। कलाकार अभिनय, संवाद और मंच सज्जा के जरिए भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को दर्शकों के सामने रखेंगे। आयोजकों की कोशिश इस बार रामलीला को सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि ऐसा सांस्कृतिक महोत्सव बनाने की है, जिसमें नई पीढ़ी भी भारतीय परंपरा और रामायण की कथा से जुड़ सके।
LED स्क्रीन और स्पेशल इफेक्ट्स होंगे खास आकर्षण
इस बार गांधी मैदान की रामलीला में तकनीक का खास इस्तेमाल देखने को मिलेगा। ट्रस्ट के अध्यक्ष अरुण कुमार के मुताबिक मंच के पीछे LED स्क्रीन लगाई जा रही है। इसके साथ स्पेशल इफेक्ट्स का इस्तेमाल कर रामलीला के अलग-अलग दृश्यों को ज्यादा प्रभावशाली बनाने की तैयारी है।
आयोजकों का दावा है कि पटना में पहली बार रामलीला के मंचन में इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे दर्शकों को ऐसा अनुभव देने की कोशिश होगी, जिसमें मंच पर होने वाले प्रसंगों के साथ बैकग्राउंड विजुअल्स और इफेक्ट्स भी कहानी का हिस्सा बनेंगे।
1955 से चली आ रही परंपरा, इस बार 71वां वर्ष
गांधी मैदान की रामलीला सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पटना की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी परंपरा भी है। वर्ष 1955 से चली आ रही इस परंपरा का इस बार 71वां वर्ष है। इतने लंबे समय से आयोजित हो रही रामलीला आज भी लोगों को गांधी मैदान तक खींच लाती है।
श्री दशहरा कमिटी ट्रस्ट का कहना है कि आयोजन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, परंपरा और भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना है। बदलते समय के साथ आयोजन में तकनीक और आधुनिक प्रस्तुति को जोड़ा जा रहा है, लेकिन इसकी मूल भावना वही रखी गई है।
गांधी मैदान में मां पटन देवी के दर्शन भी
रामलीला महोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक आस्था से जुड़ा एक और विशेष आकर्षण रहेगा। गांधी मैदान के मुख्य पंडाल के पास मां पटन देवी के विग्रह की स्थापना की जा रही है। शिशिर कुमार और डॉ. अजय प्रकाश के संयोजन में यह व्यवस्था की जा रही है। इससे रामलीला देखने आने वाले श्रद्धालुओं को मां पटन देवी के दर्शन और पूजन का अवसर भी मिलेगा। यानी गांधी मैदान में इस बार रामलीला के साथ धार्मिक अनुष्ठानों का भी माहौल बनेगा।
20 अक्टूबर को रावण दहन, 21 को भरत मिलाप
रामलीला महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण 20 अक्टूबर को देखने को मिलेगा। इस दिन शाम चार बजे से भव्य रावण दहन का आयोजन होगा। रावण दहन के साथ आतिशबाजी भी होगी, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के गांधी मैदान पहुंचने की उम्मीद है। इसके अगले दिन यानी 21 अक्टूबर को शाम छह बजे भरत मिलाप का आयोजन किया जाएगा। इस तरह रामलीला महोत्सव का समापन भी धार्मिक और भावनात्मक माहौल में होगा।
ट्रस्ट के महासचिव प्रिंस कुमार राजू के अनुसार आयोजन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। ट्रस्ट के पदाधिकारी, सदस्य और युवा कार्यकर्ता आयोजन को व्यवस्थित और भव्य बनाने में जुटे हैं। वहीं कोषाध्यक्ष डॉ. धनंजय कुमार ने लोगों से बड़ी संख्या में महोत्सव में शामिल होने और भारतीय संस्कृति की इस गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बनने की अपील की है।
कब क्या होगा?
11 अक्टूबर: शाम 4 बजे उद्घाटन, रामलीला मंचन और शाम 6 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम।
12 से 14 अक्टूबर: शाम 4 बजे रामलीला और शाम 6 बजे सांस्कृतिक संध्या।
15 से 19 अक्टूबर: प्रतिदिन शाम 6 बजे रामलीला मंचन।
20 अक्टूबर: शाम 4 बजे भव्य रावण दहन और आतिशबाजी।
21 अक्टूबर: शाम 6 बजे भरत मिलाप।





