Bihar News: राजधानी पटना से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां न्यायिक हिरासत में बंद एक महिला कैदी की इलाज के दौरान मौत हो गई। बाढ़ अनुमंडल के मोकामा थाना क्षेत्र से जुड़े इस मामले ने जेल प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, शाहबेगपुर गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई हिंसक झड़प और डबल मर्डर केस में सात लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इसी मामले में अप्राथमिकी अभियुक्त के तौर पर बूधो देवी को भी जेल भेजा गया था।
बताया जा रहा है कि बीते दिन सुबह अचानक बूधो देवी की तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने जेल प्रशासन से अपनी तबीयत खराब होने की शिकायत की। इसके बाद जेल प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तुरंत बाढ़ अनुमंडल अस्पताल में इलाज के लिए भेजा।
हालांकि, अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया। पटना में इलाज के दौरान ही बूधो देवी ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही पूरे मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
जेल प्रशासन का कहना है कि जैसे ही कैदी ने तबीयत खराब होने की सूचना दी, तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे अस्पताल भेजा गया था। अधिकारियों के मुताबिक, इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई है।
फिलहाल इस घटना के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं, क्या समय पर उचित इलाज मिल पाया, या फिर कहीं न कहीं लापरवाही हुई?





