1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 19 Jan 2026 09:34:19 PM IST
21 जनवरी को जहानाबाद दौरा - फ़ोटो social media
PATNA: पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत मामले पर महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है। अब महिला आयोग की अध्यक्ष 21 जनवरी दिन बुधवार को मृतका के परिजनों से मिलने जहानाबाद जाएंगी। बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो.अप्सरा ने पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) को चिट्ठी भेजी है। आयोग की अध्यक्ष ने दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की साथ ही जांच रिपोर्ट महिला आयोग को सौंपने को कहा।
उन्होंने कहा कि इस मामले पर महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया। जिसके बाद इस मामले में हॉस्टल संचालक को गिरफ्तार किया गया। वही मामले की जांच के लिए एसआईटी का भी गठन किया गया। अब बुधवार को महिला आयोग की टीम मृतका के परिजनों से मिलने जहानाबाद जाएंगी। उन्होंने कहा कि मामले में जो भी गुनाहगार होंगे उन्हें दंडित किया जाएगा।
बता दें कि मेडिकल की तैयारी करने वाली बच्ची जहानाबाद की रहने वाली थी। वह पटना के एक हॉस्टल में रहती थी। जिसकी संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गयी। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। इस पूरे मामले में एडीजी CID पारसनाथ ने मीडिया को बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करना उचित नहीं है।ADG CID ने कहा,“उस रिपोर्ट के बारे में अभी कोई भी विस्तृत जानकारी आप लोगों को नहीं दी जा सकती है। जब तक पूरी जांच नहीं हो जाती, तब तक कुछ भी बोलना ठीक नहीं होगा। यह पूरा मामला जांच का विषय है।”
उन्होंने आगे बताया कि तकनीकी और वैज्ञानिक जांच प्रक्रियाओं में समय लगता है। “आप यह मान कर चल सकते हैं कि अगले तीन से चार दिनों में जांच की अधिकांश प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। डीएनए रिपोर्ट आने में थोड़ा वक्त लगता है। हमारे पास जो संसाधन और उपकरण उपलब्ध हैं, उनके अनुसार करीब 5 से 6 दिन का समय लग सकता है।” जब उनसे यह पूछा गया कि छात्रा को प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में किस दिन भर्ती कराया गया था, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल इस बारे में उनके पास स्पष्ट जानकारी नहीं है, लेकिन हर बिंदु और हर पहलू पर गहन जांच जारी है।
FSL की जांच भी तेज
नीट छात्रा के रेप और संदिग्ध मौत के मामले में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) ने भी अपने स्तर से जांच की है। FSL की पूरी टीम हॉस्टल पहुंची और घटनास्थल की बारीकी से जांच की। टीम ने ऐसे सभी साक्ष्यों का संकलन किया है, जो सच्चाई तक पहुंचने में मददगार हो सकते हैं। ADG CID पारसनाथ ने बताया कि “FSL द्वारा जुटाए गए सभी साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच की जा रही है। अगले दो से तीन दिनों में यह प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। जैसे ही जांच पूरी होगी, रिपोर्ट मुख्यालय को सौंप दी जाएगी।”उन्होंने यह भी बताया कि डीएनए जांच में समय लगने के कारण रविवार को भी FSL कार्यालय खुला रहा और जांच लगातार जारी है।
सियासत और जनआक्रोश
इस मामले को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई की गई होती तो हालात इतने नहीं बिगड़ते। वहीं, छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों ने भी प्रदर्शन तेज कर दिए हैं और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल सभी की निगाहें SIT और FSL की रिपोर्ट पर टिकी हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि जैसे-जैसे रिपोर्ट सामने आएगी, तस्वीर साफ होती जाएगी। प्रशासन का दावा है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पटना NEET छात्रा मौत मामला अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं रह गया है, बल्कि यह छात्राओं की सुरक्षा, हॉस्टल व्यवस्था और स्वास्थ्य संस्थानों की जवाबदेही पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। आने वाले कुछ दिन इस मामले में बेहद अहम माने जा रहे हैं, जब जांच रिपोर्ट के आधार पर सच्चाई सामने आएगी और आगे की कार्रवाई तय होगी।