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NEET aspirant death Patna : नीट छात्रा की मौत मामले में निर्णायक मोड़ पर पहुंची SIT जांच ! फॉरेंसिक व एम्स रिपोर्ट का इंतजार

पटना में नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की मौत का मामला अब निर्णायक मोड़ पर है। एसआईटी ने 100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की है। फॉरेंसिक और एम्स रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

NEET aspirant death Patna : नीट छात्रा की मौत मामले में निर्णायक मोड़ पर पहुंची SIT जांच ! फॉरेंसिक व एम्स रिपोर्ट का इंतजार
Tejpratap
Tejpratap
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NEET aspirant death Patna : बिहार की राजधानी पटना में नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अब तक 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है, जबकि छात्रा के परिजनों समेत करीब 40 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। पटना और जहानाबाद से कई अहम सबूत एकत्र किए गए हैं, जिनके आधार पर पुलिस घटना की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी हुई है।


सूत्रों का कहना है कि एसआईटी को अब पटना एम्स से मिलने वाली सेकेंड ओपिनियन और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। दोनों रिपोर्ट के मिलान के बाद ही पुलिस पूरे मामले का खुलासा करेगी। बताया जा रहा है कि शुरुआती जांच में पुलिस को यह स्पष्ट संकेत मिल चुके हैं कि घटना क्यों और कैसे हुई, लेकिन मामला अत्यंत संवेदनशील होने के कारण पुलिस पूरी सतर्कता बरत रही है। किसी भी स्तर पर जल्दबाजी से बचते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।


इस हाई-प्रोफाइल मामले में पटना रेंज के आईजी जितेंद्र राणा के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। टीम में करीब 40 पुलिस अधिकारी शामिल हैं, जो दिन-रात जांच में जुटे हुए हैं। एसआईटी पटना के साथ-साथ जहानाबाद में भी लगातार कैंप कर रही है और उन तमाम परिस्थितियों की जांच कर रही है, जिनसे छात्रा की मौत तक की स्थिति बनी।


चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्रा की मौत के बाद से ही कई सवाल खड़े हो गए थे। हॉस्टल संचालक की भूमिका, अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली और पुलिस की शुरुआती कार्रवाई को लेकर भी गंभीर सवाल उठे। यही वजह है कि यह मामला केवल एक जिले तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे बिहार की नजर इस पर टिक गई है।


जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान को भी खास महत्व दिया है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने पटना और जहानाबाद में 65 से अधिक स्थानों के सीसीटीवी कैमरों का फुटेज खंगाला है। इनमें गर्ल्स हॉस्टल, अस्पताल परिसर, पटना जंक्शन, जहानाबाद स्टेशन और आसपास के प्रमुख रास्ते शामिल हैं। फुटेज के जरिए छात्रा की आवाजाही और घटना से पहले व बाद की गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है।


इसके अलावा छात्रा के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और डिलीट किए गए व्हाट्सएप मैसेज भी पुलिस को मिल चुके हैं। जांच में यह साफ हो गया है कि घटना से पहले छात्रा किन-किन लोगों के संपर्क में थी, किससे क्या बातचीत हुई और उसका मानसिक हालात कैसा था। पुलिस अधिकारी मानते हैं कि डिजिटल साक्ष्य इस मामले में बेहद अहम साबित हो रहे हैं और इन्हीं के आधार पर कई कड़ियां जुड़ चुकी हैं।


छात्रा के परिजनों ने शुरुआत से ही मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष और गहन जांच जरूरी है। पुलिस ने परिजनों के आरोपों को भी जांच के दायरे में लिया है और उनसे जुड़े सभी बिंदुओं पर पूछताछ कर बयान दर्ज किए गए हैं।


पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती दौर में मामले को लेकर पुलिस को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। इसी कारण अब एसआईटी हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है। किसी भी अधिकारी को बिना ठोस सबूत के बयान देने से रोका गया है। जांच से जुड़े अधिकारी स्पष्ट रूप से कहते हैं कि जब तक फॉरेंसिक रिपोर्ट और एम्स की सेकेंड ओपिनियन नहीं आ जाती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।


फिलहाल एसआईटी सभी सबूतों, बयानों और तकनीकी जानकारियों को एक साथ जोड़ने में जुटी है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जांच अंतिम चरण में है और बहुत जल्द पूरे मामले से पर्दा उठाया जाएगा। जैसे ही रिपोर्टों का मिलान होगा, पुलिस तथ्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को सार्वजनिक करेगी। तब तक बिहार की निगाहें इस बहुचर्चित मामले पर टिकी हुई हैं।