ब्रेकिंग
Bihar Train News : दुर्गापूजा-दिवाली-छठ पर घर जाना आसान! दिल्ली-हावड़ा रूट पर फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन, पटना समेत इन स्टेशनों पर ठहरावमुंबई में तेज रफ्तार BMW फ्लाईओवर से नीचे गिरी, 3 युवकों की दर्दनाक मौत, एक की हालत गंभीरBihar IAS News: दिल्ली में 36 IAS अफसर, बिहार में वरिष्ठ अधिकारियों का टोटा; सचिवों के भरोसे चल रहे ज्यादातर विभाग‘जहां जीतेंगे, वहां 10 हजार नौकरी देंगे’, MLC उम्मीदवारों की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर का बड़ा एलानBihar MLC Election : MLC चुनाव में जन सुराज की एंट्री, दरभंगा से पटना तक 5 उम्मीदवार मैदान में; देखें पूरी लिस्टBihar Train News : दुर्गापूजा-दिवाली-छठ पर घर जाना आसान! दिल्ली-हावड़ा रूट पर फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन, पटना समेत इन स्टेशनों पर ठहरावमुंबई में तेज रफ्तार BMW फ्लाईओवर से नीचे गिरी, 3 युवकों की दर्दनाक मौत, एक की हालत गंभीरBihar IAS News: दिल्ली में 36 IAS अफसर, बिहार में वरिष्ठ अधिकारियों का टोटा; सचिवों के भरोसे चल रहे ज्यादातर विभाग‘जहां जीतेंगे, वहां 10 हजार नौकरी देंगे’, MLC उम्मीदवारों की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर का बड़ा एलानBihar MLC Election : MLC चुनाव में जन सुराज की एंट्री, दरभंगा से पटना तक 5 उम्मीदवार मैदान में; देखें पूरी लिस्ट

नए बहाल टीचरों के लिए जरूरी खबर: स्कूल के पास ही रहने के लिए मिलेगा घर,नीतीश सरकार आवास नीति

PATNA : बिहार में शिक्षकों को उनके स्कूल के नजदीक आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए शिक्षा विभाग एक नीति बना रहा है। जिसमें आवास देने के लिए तमाम प्रक्रियाओं और नियमों का

नए बहाल टीचरों के लिए जरूरी खबर: स्कूल के पास ही रहने के लिए मिलेगा घर,नीतीश सरकार आवास नीति
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

PATNA : बिहार में शिक्षकों को उनके स्कूल के नजदीक आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए शिक्षा विभाग एक नीति बना रहा है। जिसमें आवास देने के लिए तमाम प्रक्रियाओं और नियमों का उल्लेख रहेगा। नीति बनाने के बाद विभाग नीतीश कैबिनेट को यह प्रस्ताव भेजेगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस पर अमल शुरू हो जाएगा। नीति लागू होने के बाद आवास की सुविधा शिक्षकों को दी जाएगी। 


जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग ने संबंधित मकान मालिकों और रियल इस्टेट कंपनियों से सुझाव मांगे थे, जिसको लेकर एक गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में कई लोगों ने अपना आवास किराये पर देने के लिए सहमति दी है। इसको लेकर प्रमंडलवार गोष्ठी विभागीय पदाधिकारियों ने संबंधित मकान मालिकों के साथ की। हर प्रमंडल से पांच से दस लोग गोष्ठी में पहुंचे थे। लोगों द्वारा दिए गए सुझावों पर भी विभाग एक रिपोर्ट तैयार कर रहा है। इस रिपोर्ट का अध्यन कर आवास के लिए नीति बनाई जाएगी।


बताया जा रहा है कि, ज्यादातर लोगों ने मकान के बदले मिलने वाली किराये की राशि के बारे में पूछा। लोगों ने यह भी कहा कि खासकर शहरी इलाकों में शिक्षकों को जो मकान किराया भत्ता मिलता है, उतने किराये पर आवास देना मुश्किल होगा। भत्ता के अतिरिक्त भी राशि मकान मालिकों को मिलनी चाहिए। इन सभी बातों की चर्चा नीति में रहेगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी के स्तर से मकान मालिकों अथवा कंपनियों से करार होगा और शिक्षकों को आवास की सुविधा दी जाएगी। पहले से बने मकानों के मालिक और बहुमंजिली इमारतों के मालिकों से प्रस्ताव मांगा गया है। यह पूछा गया है कि वे कितने मकान किस जिले के किस प्रखंड और ग्राम पंचायत में उपलब्ध करा सकते हैं। शिक्षा विभाग उन्हें किराये या लीज पर तुरंत ले सकता है।


आपको बताते चलें कि, शिक्षा विभाग ने कहा है कि हर साल शिक्षकों के वेतन पर 33 हजार करोड़ खर्च होते हैं। औसतन आठ प्रतिशत मकान किराया भत्ता हर शिक्षक को दिया जाता है। आठ प्रतिशत की यह राशि लगभग 2500 करोड़ होती है। विभाग इस राशि से मकान/भवन पर्याप्त संख्या में लीज और किराये पर लेगा। ताकि, शिक्षकों को उनके स्कूल के समीप बेहतर आवास की व्यवस्था दिलायी जा सके। मालूम हो कि बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) से चयनित हर शिक्षक को औसतन दो हजार से 2600 रुपये के बीच मकान किराया भत्ता मिलेगा।