ब्रेकिंग
अशोकधाम भगदड़ के बाद अलर्ट मोड में सरकार, अंतिम सोमवारी और पूर्णिमा के मौके पर 10 अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति, पूरी लिस्ट देखिएपश्चिम चंपारण बस हादसा: पांच लोगों की मौत के बाद सड़क पर उतरे परिजन, शव सड़क पर रखकर की मुआवजे की मांगलुंगी पहनकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंचे विधायक IP गुप्ता, पत्रकारों से बोले-‘मोदी जी मेरे सपने में आए थे’ पटना में डराने लगी गंगा: भद्र घाट और महावीर घाट की सड़क पर पानी; SDRF और NDRF को अलर्ट रहने के निर्देशस्कूल से लौट रही छात्रा पर धारदार हथियार से हमला, गर्दन पर गंभीर चोट; हालत नाजुक अशोकधाम भगदड़ के बाद अलर्ट मोड में सरकार, अंतिम सोमवारी और पूर्णिमा के मौके पर 10 अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति, पूरी लिस्ट देखिएपश्चिम चंपारण बस हादसा: पांच लोगों की मौत के बाद सड़क पर उतरे परिजन, शव सड़क पर रखकर की मुआवजे की मांगलुंगी पहनकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंचे विधायक IP गुप्ता, पत्रकारों से बोले-‘मोदी जी मेरे सपने में आए थे’ पटना में डराने लगी गंगा: भद्र घाट और महावीर घाट की सड़क पर पानी; SDRF और NDRF को अलर्ट रहने के निर्देशस्कूल से लौट रही छात्रा पर धारदार हथियार से हमला, गर्दन पर गंभीर चोट; हालत नाजुक

नंदकिशोर को कड़ी टक्कर देने वाले संतोष मेहता ने RJD से दिया इस्तीफा, इसबार टिकट नहीं मिलने से थे नाराज

PATNA : राजधानी पटना के पूर्वी हिस्से वाली विधानसभा सीट यानी कि पटना साहिब से राजद के टिकट पर चुनाव लड़ चुके संतोष मेहता ने पार्टी छोड़ दी है. संतोष मेहता ने प्रदेश महासचि

नंदकिशोर को कड़ी टक्कर देने वाले संतोष मेहता ने RJD से दिया इस्तीफा, इसबार टिकट नहीं मिलने से थे नाराज
First Bihar
3 मिनट

PATNA :  राजधानी पटना के पूर्वी हिस्से वाली विधानसभा सीट यानी कि पटना साहिब से राजद के टिकट पर चुनाव लड़ चुके संतोष मेहता ने पार्टी छोड़ दी है. संतोष मेहता ने प्रदेश महासचिव और पार्टी के प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. साल 2015 में बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और पटना साहिब के विधायक नंदकिशोर यादव को कड़ी टक्कर देने वाले संतोष मेहता इस बार टिकट नहीं मिलने से काफी नाराज चल रहे थे. 


पटना के डिप्टी मेयर रहे संतोष मेहता को पार्टी में बड़ा पद दिया गया था. राजद ने इन्हें प्रदेश महासचिव बनाया था. अपने पद से इस्तीफा देते हुए संतोष मेहता ने लिखा कि "साल 1995 से 2010 तक राजद के किसी भी प्रत्याशी ने 32000 वोट भी नहीं लाया. लेकिन जब मैं पटना साहिब से 2015 के चुनावी मैदान में उतरा तो मुझे कुल 85,316 वोट मिले थे." 


आपको बता दें कि पटना साहिब सीट पर ढाई दशक से भारतीय जनता पार्टी का भगवा झंडा ही लहराता रहा है. 1995 में नंदकिशोर यादव वहां से पहली बार जीतकर विधान सभा पहुंचे. उसके बाद आज तक इस सीट पर कोई दूसरा उम्मीदवार नहीं जीत सका. 2015 के बिहार विधान सभा चुनाव में जब लालू यादव और नीतीश कुमार ने गठजोड़ कर महागठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था, तब भी नंदकिशोर यादव यहां से अपनी गाड़ी खींचने में कामयाब रहे. उन्होंने बहुत ही कम मतों के अंतर से राजद के संतोष मेहता को पटखनी दी थी. यादव को 88,108 वोट मिले थे जबकि मेहता को 85,316 वोट मिले थे. बीजेपी को कुल 46.89 फीसदी जबकि राजद को 45.40 फीसदी वोट मिले थे.


इस सीट पर वैश्य, कोयरी-कुर्मी और यादव  मतदाताओं की बहुलता है. मुस्लिमों की भी अच्छी आबादी है. साढ़े तीन लाख वोटर वाले इस क्षेत्र में वैश्य समाज का 80 हजार वोट है. यादवों का वोट भी 50 हजार से ज्यादा है. कोयरी का वोट 48 हजार और कुर्मी वोट 16 हजार के करीब है. करीब 43 हजार वोट मुस्लिमों के हैं. इलाके में 54 फीसदी पुरुष वोटर हैं. वैश्य, कोयरी, कुर्मी एनडीए के परंपरागत वोटर रहे हैं.


संतोष मेहता ने अपने इस्तीफा में लिखा है कि "इसबार के चुनाव में महागठबंधन के नाम पर ये सीट कांग्रेस की झोली में डाल दी गई. जिसके कारण मैं राजद के नेतृत्व के इस फैसले से काफी आहत हूं. इसलिए मैं राजद की सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं." 

टैग्स
रिपोर्टिंग
B

रिपोर्टर

Badal

FirstBihar संवाददाता