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Bihar hospital fire news : मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड: प्रसाद हॉस्पिटल पर FIR दर्ज, 10 हिरासत में, DM से रिपोर्ट तलब; SIT जांच शुरू

मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू में भीषण आग लगने से 6 मरीजों की मौत हो गई, जबकि 12 मरीजों की जान बचा ली गई। हादसे की जांच के लिए SIT गठित कर दी गई है और कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।

Bihar hospital fire news : मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड: प्रसाद हॉस्पिटल पर FIR दर्ज, 10 हिरासत में, DM से रिपोर्ट तलब; SIT जांच शुरू
Tejpratap
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Bihar hospital fire news : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। अस्पताल के आईसीयू (ICU) में लगी आग में अब तक 6 मरीजों की मौत की पुष्टि हुई है। हादसे के समय आईसीयू में कुल 18 मरीज भर्ती थे, जिनमें से 12 मरीजों की जान बचा ली गई, जबकि तीन की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।


घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। तिरहुत कमिश्नर गिरिवर दयाल के आदेश पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ ब्रह्मपुरा थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए 10 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है।


AC में शॉर्ट-सर्किट से आग लगने की आशंका

प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में सिविल सर्जन ने आशंका जताई है कि आईसीयू में लगे एयर कंडीशनर (AC) में शॉर्ट-सर्किट के कारण आग लगी। स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आग लगने के बाद आईसीयू तेजी से धुएं से भर गया, जिससे मरीजों को सांस लेने में भारी कठिनाई हुई और कई मरीजों की दम घुटने से मौत हो गई। हालांकि, जिला प्रशासन ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं।


सीएम की मुआवजा घोषणा

राज्य सरकार ने इस दर्दनाक हादसे को गंभीरता से लेते हुए मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी (DM) और सिविल सर्जन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। साथ ही पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।


रेस्क्यू ऑपरेशन और अफरा-तफरी

आग लगते ही अस्पताल में हड़कंप मच गया। आईसीयू पांचवीं मंजिल पर स्थित होने के कारण बचाव कार्य में काफी कठिनाइयाँ आईं। मरीजों और अस्पताल कर्मियों ने किसी तरह खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की। कुछ मरीजों को स्टाफ की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि अन्य वार्डों में भर्ती मरीजों को भी एहतियातन नीचे शिफ्ट किया गया। आईसीयू के पास स्थित सीसीयू (CCU) में भी 14 मरीज भर्ती थे, जिन्हें तत्काल सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। फायर ब्रिगेड को सुबह 3:55 बजे सूचना दी गई, जिसके लगभग 10 मिनट बाद टीम मौके पर पहुंच गई। कुल 45 दमकल कर्मियों ने मिलकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया और 23 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।


दम घुटना बना मौत का कारण

अग्निशमन विभाग के डीजी (होमगार्ड सह अग्निशमन सेवाएं) शोभा अहोटकर ने बताया कि सभी मरीजों की मौत जलने से नहीं, बल्कि धुएं से दम घुटने के कारण हुई है। आग लगने के बाद आईसीयू पूरी तरह धुएं से भर गया, जिससे ऑक्सीजन की कमी हो गई और मरीज बेहोश होकर दम तोड़ बैठे।


SIT गठित, अस्पताल सील

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एसएसपी के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। वहीं, आईसीयू को सील कर दिया गया है और तकनीकी जांच जारी है। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि अस्पताल में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। मुजफ्फरपुर का यह अग्निकांड एक बार फिर निजी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच पूरी होने के बाद ही असली कारण और जिम्मेदारों की स्पष्ट पहचान हो सकेगी, लेकिन फिलहाल पूरा क्षेत्र शोक और दहशत में है।