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कभी गोपालगंज की बोलती थी तूती, 20 साल तक नालंदा का रहा राज; अब इस जिले के सिर सजा ‘सरकारी जिला’ का ताज

Bihar News: सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही बिहार में ‘सरकारी जिला’ का दर्जा नालंदा से बदलकर मुंगेर को मिल गया, जिससे क्षेत्र में जश्न का माहौल है। गोपालगंज से छीनकर नालंदा ने 20 वर्षों तक यह खिताब अपने पास रखा था।

Bihar News
मुंगेर जिला बना 'बॉस'
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Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: बिहार में सत्ता परिवर्तन के साथ राजनीतिक समीकरण ही नहीं, बल्कि ‘सरकारी जिला’ की पहचान भी बदल गई है। मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफे और सम्राट चौधरी के नए मुख्यमंत्री बनने के बाद अब मुंगेर ने नालंदा से यह ‘सरकारी जिला’ का तमगा अपने नाम कर लिया है।


बिहार की राजनीति में लंबे समय से यह परंपरा रही है कि जिस जिले से मुख्यमंत्री आता है, उसे ‘सरकारी जिला’ कहा जाता है। 1990 में लालू प्रसाद यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह दर्जा गोपालगंज को मिला था। उनके कार्यकाल में फुलवरिया सहित पूरे जिले में विकास कार्य हुए और यह इलाका खास पहचान बना सका।


24 नवंबर 2005 को जब नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद संभाला, तब यह ताज गोपालगंज से छिनकर नालंदा के पास चला गया। नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में उनके कार्यकाल के दौरान व्यापक विकास हुआ। नालंदा यूनिवर्सिटी की स्थापना, राजगीर में जू सफारी, ग्लास ब्रिज और अन्य परियोजनाओं ने इस जिले को नई पहचान दी। लगभग 20 वर्षों तक नालंदा ‘सरकारी जिला’ बना रहा।


हालांकि बीच में जीतनराम मांझी के मुख्यमंत्री बनने पर गया को यह दर्जा मिलने की चर्चा हुई, लेकिन उस समय भी सत्ता पर नीतीश कुमार का प्रभाव बना रहा, जिससे गया का दावा ज्यादा प्रभावी नहीं हो सका। अब सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही यह ‘ताज’ मुंगेर के सिर आ गया है। 


इसके साथ ही मुंगेर और तारापुर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। लोग जश्न मना रहे हैं, मिठाइयां बांटी जा रही हैं और पटाखे फोड़े जा रहे हैं> गोपालगंज और नालंदा के बाद अब मुंगेर के लोगों को उम्मीद है कि उनके जिले में भी विकास की रफ्तार तेज होगी। 

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता