JAMUI: सरकार की महत्वाकांक्षी फार्मर रजिस्ट्री योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ जमुई जिलाधिकारी नवीन कुमार ने लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि किसानों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला जिलाधिकारी नवीन कुमार के निर्देश पर की गई समीक्षा में कार्य प्रगति बेहद संतोषजनक नहीं पाए जाने पर कई कर्मियों के खिलाफ निलंबन, संविदा समाप्ति एवं चयनमुक्ति की कार्रवाई शुरू की गई है।
जानकारी के अनुसार, मुख्य सचिव बिहार की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के निर्देशों के बाद जिले में 12 मई से 30 जून 2026 तक मिशन मोड में फार्मर रजिस्ट्री अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों का फार्मर आईडी (कृषक पहचान पत्र) बनाकर उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कृषि कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ उपलब्ध कराना है।
अभियान की नियमित समीक्षा के दौरान बरहट अंचल के राजस्व कर्मचारी पंकज कुमार को सरकारी कार्यों में रुचि नहीं लेने, लगातार चेतावनी के बावजूद सुधार नहीं करने तथा फार्मर आईडी निर्माण में बेहद धीमी प्रगति के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं खैरा के राजस्व कर्मचारी निरंजन कुमार को भी कार्य में लापरवाही और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना के आरोप में निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में दोनों का मुख्यालय नियमानुसार निर्धारित किया गया है।
इसके अलावा झाझा अंचल कार्यालय में कार्यरत संविदा राजस्व कर्मचारी लालचंद्र हेंब्रम की संविदा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद उनके कार्य में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।राजस्व कर्मचारियों के साथ-साथ कृषि विभाग से जुड़े कर्मियों पर भी कार्रवाई की गई है। सोनो के किसान सलाहकार अशोक दास, गिद्धौर की किसान सलाहकार अंजली कुमारी तथा इस्लामनगर-अलीगंज के किसान सलाहकार राकेश रंजन कुमार के विरुद्ध चयनमुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। वहीं लक्ष्मीपुर प्रखंड के कृषि समन्वयक कर्मराज और चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ भी सेवा से चयनमुक्ति की कार्रवाई आरंभ कर दी गई है।
जिला पदाधिकारी ने सभी अधिकारियों, राजस्व कर्मचारियों, कृषि समन्वयकों और किसान सलाहकारों को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि 30 जून 2026 तक फार्मर रजिस्ट्री का लक्ष्य हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से जुड़े इस अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही, सुस्ती या आदेशों की अवहेलना पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध और भी कठोर अनुशासनात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से सरकारी महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।





