पटना/मोकामा: अगर आप सितंबर के आखिरी सप्ताह में ट्रेन से सफर करने वाले हैं, खासकर किऊल, बरौनी, बख्तियारपुर, लखीसराय, जमालपुर या भागलपुर की ओर जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। नये मोकामा रेल पुल से ट्रेनों के नियमित परिचालन की तैयारी के बीच रेलवे ने नॉन-इंटरलॉकिंग यानी NI कार्य शुरू करने का फैसला लिया है। इसके चलते 20 सितंबर से 29 सितंबर तक कई ट्रेनों के निर्धारित रूट में बदलाव किया जाएगा।
इस अवधि में लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ-साथ कई पैसेंजर और मेमू ट्रेनों को भी वैकल्पिक मार्ग से चलाने की योजना है। ऐसे में यात्रियों को स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन का रूट और परिचालन स्थिति जरूर जांच लेने की सलाह दी गयी है।
20 सितंबर से ही शुरू होगा रूट डायवर्जन
रेलवे की ओर से एनआई कार्य को लेकर तिथिवार ट्रेन परिचालन की योजना तैयार की गयी है। हालांकि मुख्य नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य 21 सितंबर से शुरू होगा, लेकिन ट्रेनों के मार्ग में बदलाव 20 सितंबर से ही देखने को मिलेगा। 21 से 29 सितंबर के बीच अलग-अलग दिनों में अलग-अलग ट्रेनों को उनके नियमित मार्ग के बजाय वैकल्पिक रेलखंड से चलाया जाएगा। इसलिए किसी एक दिन का रूट दूसरे दिन भी लागू रहेगा, ऐसा जरूरी नहीं है। यात्रियों को अपनी ट्रेन की तारीख के हिसाब से जानकारी लेना जरूरी होगा।
किऊल, बरौनी और बख्तियारपुर रूट पर सबसे ज्यादा असर
मोकामा रेल पुल पर होने वाले इस काम का प्रभाव किऊल, बरौनी और बख्तियारपुर रेलखंड से गुजरने वाली ट्रेनों पर पड़ेगा। इसका सीधा असर लखीसराय, जमालपुर, भागलपुर और आसपास के यात्रियों पर पड़ सकता है। रेलवे कई ट्रेनों को बख्तियारपुर से बिहारशरीफ, शेखपुरा और किऊल के रास्ते चलाने की योजना बना रहा है। वहीं कुछ ट्रेनों को ग्रैंड कोर्ड रूट से डायवर्ट किया जाएगा।
इन रास्तों से गुजरेंगी कई बड़ी ट्रेनें
एनआई कार्य के दौरान अमृतसर-हावड़ा मेल 13006, हावड़ा-प्रयागराज रामबाग विभूति एक्सप्रेस 13047 और दिल्ली-कामाख्या ब्रह्मपुत्र मेल 15657 समेत कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया जाएगा। इन ट्रेनों को बख्तियारपुर-बिहारशरीफ-शेखपुरा-किऊल होकर चलाने की योजना है। वहीं कामाख्या-दिल्ली ब्रह्मपुत्र मेल 15658 का परिचालन भी निर्धारित अवधि में बदले हुए मार्ग से किया जाएगा। कुछ ट्रेनों को पाटलिपुत्र-शाहपुर पटोरी-बरौनी रूट से चलाया जाएगा, जबकि कुछ ट्रेनों के लिए किऊल-शेखपुरा-बिहारशरीफ-बख्तियारपुर मार्ग का इस्तेमाल किया जाएगा।
पूर्वा, गरीब रथ और वंदे भारत भी प्रभावित
रूट डायवर्जन की सूची में कई प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं। पूर्वा एक्सप्रेस, गरीब रथ, ब्रह्मपुत्र मेल और वंदे भारत एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों का परिचालन बदले हुए मार्ग से होगा। इसके अलावा जसीडीह एक्सप्रेस, पटना-दुमका एक्सप्रेस, देवघर-पटना मेमू, पटना-देवघर मेमू और पटना-झाझा मेमू जैसी ट्रेनों के परिचालन में भी निर्धारित तारीखों पर बदलाव किया जाएगा। यानी यह बदलाव केवल लंबी दूरी की ट्रेनों तक सीमित नहीं रहेगा। रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को भी इसका असर झेलना पड़ सकता है।
भागलपुर जाने वाले यात्रियों के लिए भी जरूरी खबर
एनआई कार्य का असर भागलपुर से जुड़ी ट्रेनों पर भी पड़ेगा। भागलपुर-आनंद विहार गरीब रथ, सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस और भागलपुर-जम्मूतवी अमरनाथ एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को भी निर्धारित तिथियों में बदले हुए मार्ग से चलाने की योजना है। ऐसे में भागलपुर, जमालपुर, किऊल और आसपास के इलाकों से दिल्ली, मुंबई, जम्मू या अन्य बड़े शहरों की यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष सावधानी बरतनी होगी।
25 और 26 सितंबर को ज्यादा ट्रेनें प्रभावित
रेलवे की योजना के अनुसार 25 सितंबर को सबसे अधिक ट्रेनों के मार्ग में बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके बाद 26 सितंबर को भी कई महत्वपूर्ण ट्रेनें डायवर्ट रहेंगी। 26 सितंबर को पूर्वा एक्सप्रेस, अमृतसर-हावड़ा मेल, बाघ एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल और वंदे भारत समेत कई ट्रेनों के मार्ग में बदलाव प्रस्तावित है। इसलिए इन तारीखों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को खास तौर पर ट्रेन की स्थिति पहले जांच लेनी चाहिए।
स्टेशन पहुंचने से पहले चेक करें रूट
रूट बदलने के साथ कुछ ट्रेनों के परिचालन समय में भी बदलाव की संभावना रहती है। इसलिए यात्रियों को केवल टिकट देखकर यात्रा की योजना नहीं बनानी चाहिए। स्टेशन निकलने से पहले रेलवे की ताजा सूचना, ट्रेन का रूट और रनिंग स्टेटस जरूर देख लें। खासकर उन यात्रियों के लिए यह जरूरी है जिनकी ट्रेन सामान्य तौर पर मोकामा रेल पुल या इससे जुड़े रेलखंड से होकर गुजरती है।
नये मोकामा पुल से नियमित ट्रेन परिचालन की तैयारी तेज
दरअसल, नये मोकामा रेल पुल से ट्रेनों का नियमित परिचालन शुरू कराने की दिशा में यह एनआई कार्य एक महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। नॉन-इंटरलॉकिंग का काम पूरा होने के बाद रेलवे की परिचालन व्यवस्था को नये पुल के अनुरूप आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज होगी।
यात्रियों के लिए फिलहाल परेशानी का कारण बन रहा रूट डायवर्जन आने वाले समय में नये रेल पुल से बेहतर और सुगम ट्रेन परिचालन की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है। लेकिन 20 से 29 सितंबर के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का रूट जरूर जांच लें।





