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BIHAR NEWS : हाईटेक निगरानी से खनन माफियाओं पर शिकंजा, अब हर ट्रक पर डिजिटल नजर; चलते -चलते हो जाएगा नाप -तौल

सरकार खनन परिवहन को पारदर्शी बनाने के लिए हाईटेक कैमरा, AI और सेंसर तकनीक ला रही है। अब हर ट्रक की डिजिटल निगरानी होगी।

BIHAR NEWS : हाईटेक निगरानी से खनन माफियाओं पर शिकंजा, अब हर ट्रक पर डिजिटल नजर; चलते -चलते हो जाएगा नाप -तौल
Tejpratap
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BIHAR NEWS : खनन परिवहन को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और नियमबद्ध बनाने के लिए सरकार अब अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लेने जा रही है। नई व्यवस्था के तहत खनन कार्य में लगे वाहनों की निगरानी पूरी तरह डिजिटल और स्वचालित होगी, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या नियम उल्लंघन को तुरंत पकड़ा जा सकेगा। इस पहल से न केवल अवैध खनन पर रोक लगेगी, बल्कि राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।


इस दिशा में खान एवं भू-तत्व निदेशक मनेश कुमार मीणा की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के विशेषज्ञों ने भी भाग लिया और तकनीकी रूप से निगरानी तंत्र को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में खनन परिवहन पूरी तरह टेक्नोलॉजी आधारित हो जाएगा, जिससे मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।


बैठक में सबसे अहम प्रस्ताव खनिज वाहनों पर लगाई जाने वाली लाल पट्टी (रेड स्ट्रिप) की पहचान को लेकर रखा गया। अब चेक पोस्ट पर विशेष कैमरे लगाए जाएंगे, जो स्वतः वाहनों की तस्वीर लेकर यह सुनिश्चित करेंगे कि वाहन पर निर्धारित पहचान चिन्ह मौजूद है या नहीं। इन कैमरों द्वारा ली गई हर तस्वीर का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे भविष्य में जांच के दौरान ठोस साक्ष्य उपलब्ध रहेंगे।


इसके साथ ही अवैध खनिज परिवहन को रोकने के लिए एक और आधुनिक तकनीक पर काम किया जा रहा है। कई बार ट्रकों में सामग्री को ढककर अवैध खनिज की ढुलाई की जाती है, जिसे पकड़ना मुश्किल होता है। अब ऐसे सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं, जो ट्रकों में ढकी सामग्री की प्रकृति का आकलन कर सकें। इससे यह पता लगाना आसान होगा कि वाहन में वैध सामग्री है या अवैध खनिज छिपाकर ले जाया जा रहा है।


नई व्यवस्था के तहत हर लोडेड ट्रक की उच्च गुणवत्ता वाली स्थिर तस्वीर लेना अनिवार्य किया जाएगा। साथ ही यदि कोई वाहन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसका वीडियो फुटेज भी स्वतः रिकॉर्ड होगा। इससे निगरानी के साथ-साथ साक्ष्य संग्रह की प्रक्रिया भी मजबूत होगी और कार्रवाई में पारदर्शिता आएगी।


ओवरलोडिंग की समस्या से निपटने के लिए चेक पोस्ट पर स्वचालित वजन मापने की प्रणाली भी लागू की जाएगी। यह तकनीक ‘वी-इन-मोशन’ सिस्टम पर आधारित होगी, जिसमें वाहन को रोके बिना ही उसका वजन मापा जा सकेगा। सड़क पर लगे विशेष सेंसर वाहन के गुजरते ही उसका भार रिकॉर्ड कर लेंगे और तुरंत सिस्टम में डेटा दर्ज हो जाएगा। इससे समय की बचत होगी और जांच अधिक सटीक व प्रभावी बनेगी।


सरकार का मानना है कि इन नई तकनीकी व्यवस्थाओं से खनन क्षेत्र में अनुशासन, पारदर्शिता और नियंत्रण का एक नया मॉडल स्थापित होगा। डिजिटल रिकॉर्डिंग और स्वचालित निगरानी से मानवीय हस्तक्षेप कम होगा, जिससे भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी घटेंगी।


इन उपायों के लागू होने के बाद हर वाहन की डिजिटल पहचान सुनिश्चित होगी, फोटो और वीडियो के रूप में मजबूत साक्ष्य उपलब्ध होंगे, ढके ट्रकों में छिपाकर ले जाए जा रहे खनिज का आसानी से पता लगाया जा सकेगा और ओवरलोडिंग की समस्या पर भी तत्काल नियंत्रण पाया जा सकेगा। कुल मिलाकर, यह पहल खनन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाने की दिशा में अहम कदम साबित होगी।