1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 24, 2025, 7:17:03 AM
पटना न्यूज - फ़ोटो GOOGLE
Patna News: पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर से जुड़ी एक बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। नैवेद्यम (लड्डू प्रसाद) सामग्री की आपूर्ति के नाम पर एक स्थानीय कारोबारी ने मंदिर ट्रस्ट से ₹20,27,000 की राशि ले ली, लेकिन न तो सामग्री की आपूर्ति की और न ही राशि वापस की। इस संबंध में महावीर स्थान न्यास समिति ने कोतवाली थाना, पटना में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मंदिर के सुपरिंटेंडेंट के. सुधाकरण द्वारा दी गई लिखित शिकायत के अनुसार, बीते माह पटना के एक कारोबारी की मुलाकात मंदिर के तत्कालीन सचिव दिवंगत आचार्य किशोर कुणाल से हुई थी। कारोबारी ने बाजार दर से कम कीमत पर नैवेद्यम लड्डू में उपयोग होने वाली सामग्री — जैसे घी, चना दाल, काजू, किशमिश आदि — आपूर्ति करने की पेशकश की थी। इस प्रस्ताव के आधार पर मंदिर ट्रस्ट ने RTGS के माध्यम से ₹20.27 लाख की राशि आरोपित के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी।
हालांकि इसी दौरान आचार्य किशोर कुणाल का अकस्मात निधन हो गया। इसके बाद कारोबारी ने न तो कोई सामग्री भेजी, न ही पैसे वापस किए। इतना ही नहीं, उन्होंने मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के फोन कॉल्स और संदेशों का जवाब देना भी बंद कर दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर मामला धोखाधड़ी (IPC 420) और आपराधिक विश्वासघात (IPC 406) की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। आरोपित की लोकेशन ट्रेस की जा रही है, और बैंक ट्रांजेक्शन व कॉल डिटेल्स की भी जांच की जा रही है।
महावीर स्थान न्यास समिति के अधिकारियों ने बताया कि मंदिर में नैवेद्यम की खपत अत्यधिक होती है और उसकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सामग्री की आपूर्ति भरोसेमंद स्रोतों से ही की जाती है। “यह घटना न केवल आर्थिक नुकसान है, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था से भी खिलवाड़ है,” ट्रस्ट के एक सदस्य ने कहा।
गौरतलब है कि आचार्य किशोर कुणाल, जो बिहार के पूर्व IPS अधिकारी भी रहे हैं, लंबे समय तक महावीर मंदिर न्यास समिति से जुड़े रहे और मंदिर के आधुनिकीकरण व सामाजिक कार्यों में उनकी अहम भूमिका रही है। उनके निधन के बाद इस मामले का खुलासा हुआ।