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महंगाई की मार.. लेकिन छठ जरूरी है

PATNA : लोक आस्था के महापर्व छठ पर भी महंगाई की मार पड़ी है. लेकिन छठ जरूरी है. इसलिए पूजा में इस्तेमाल होने वाली चीजों की कीमतें भले ही आसमान छू रही हो लेकिन व्रती उसकी खरीदारी जरूर कर रहे ह

महंगाई की मार.. लेकिन छठ जरूरी है
Anamika
2 मिनट

PATNA : लोक आस्था के महापर्व छठ पर भी महंगाई की मार पड़ी है. लेकिन छठ जरूरी है. इसलिए पूजा में इस्तेमाल होने वाली चीजों की कीमतें  भले ही आसमान छू रही हो लेकिन व्रती उसकी खरीदारी जरूर कर रहे हैं. जहां पटना में छठ का बाजार से सज चुका है लेकिन बीते साल की तुलना में चीजों की कीमतें इस बार दोगुनी हो गई हैं. छठ पूजा के लिए सामान खरीदना काफी मुश्किल हो गया है , लेकिन छठ जरूरी है इसलिए महंगाई भी मुद्दा नहीं.

बाजार में चीजों की कीमतें बढ़ी हुई हैं और इस साल सामान का रेट चार्ट देखकर ऐसा लगता है कि पिछली बार जो छठ पूजा के सामान 5 से 6 हजार में आ जाते थे इसके लिए इस बार 7 से 10 हजार खर्च करने होंगे. नहाए खाए के मौके पर कद्दू भात खाने की परंपरा है और बाजार में कद्दू भी खूब महंगा बिका.

कोरोना के कारण पिछले सात महीनों से लोगों की आमदनी घट गई है, लेकिन बाकी चीजों की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है , जिसके कारम व्रतियों को थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. अलग-अलग इलाकों में पूजा सामग्री की कीमत अलग-अलग है. मंडी में सामान सस्ता  है, लेकिन खुदरा में दोगुना दाम लिया जा रहा है.