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BIHAR NEWS : ललन सिंह बने ‘किंगमेकर’! बिहार के नए CM पर अंतिम मुहर जल्द, नीतीश से मुलाकात कर तय करेंगे डिप्टी सीएम का चेहरा और मंत्रिमंडल की रूपरेखा

बिहार में नई सरकार गठन को लेकर हलचल तेज है। सीएम हाउस में बैठकों का दौर जारी है, जहां ललन सिंह की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है। अगले 48 घंटे में नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान संभव है।

BIHAR NEWS : ललन सिंह बने ‘किंगमेकर’! बिहार के नए CM पर अंतिम मुहर जल्द, नीतीश से मुलाकात कर तय करेंगे डिप्टी सीएम का चेहरा और मंत्रिमंडल की रूपरेखा
Tejpratap
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4 मिनट

BIHAR NEWS : बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर सियासी हलचल अपने चरम पर है, और इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में अगर कोई नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है, तो वह है ललन सिंह। जदयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह इन दिनों मुख्यमंत्री आवास पर लगातार सक्रिय हैं और सरकार गठन की पूरी प्रक्रिया में ‘ट्रबलशूटर’ की भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं।


सोमवार सुबह जैसे ही पटना के मुख्यमंत्री आवास पटना पर हलचल तेज हुई, सबसे पहले पहुंचने वालों में ललन सिंह का नाम शामिल रहा। दिल्ली से लौटने के बाद सीधे ललन सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर सरकार गठन के हर पहलू पर विस्तार से चर्चा कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं, बल्कि बेहद रणनीतिक है, जिसमें मंत्रिमंडल के गठन से लेकर राजनीतिक संतुलन तक हर बिंदु पर मंथन कर रहे हैं।


ललन सिंह की सक्रियता इस बात का संकेत है कि जदयू के अंदर उन्हें एक भरोसेमंद रणनीतिकार के तौर पर देखा जाता है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी इस बैठक में मौजूद है। लेकिन पूरी चर्चा का फोकस ललन सिंह के सुझावों और उनके अनुभव पर ही केंद्रित रह सकता है। माना जा रहा है कि केंद्र और राज्य के बीच तालमेल बैठाने में उनकी भूमिका बेहद अहम है।


राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ललन सिंह की सबसे बड़ी ताकत उनका संगठनात्मक अनुभव और नेतृत्व के साथ मजबूत तालमेल है। यही वजह है कि जब बिहार जैसे बड़े राज्य में सरकार गठन का सवाल आता है, तो उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। खासकर ऐसे समय में जब एनडीए के भीतर संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती है, ललन सिंह उस संतुलन को साधने में अहम कड़ी बनकर उभरे हैं।


इधर, प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां तेज हो गई हैं। एस.एम. त्यागराजन राजभवन पहुंचकर शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों की जानकारी दे चुके हैं। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि राजनीतिक निर्णय अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है और किसी भी समय नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान हो सकता है।


14 अप्रैल का दिन इस पूरे घटनाक्रम में बेहद अहम माना जा रहा है। इस दिन सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की अंतिम बैठक होगी, जिसके बाद वे इस्तीफा देंगे। इसके तुरंत बाद एनडीए विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नए नेता का चुनाव किया जाएगा।


इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए भाजपा ने शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। उनकी मौजूदगी में विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी। लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि अंतिम नाम तय करने में ललन सिंह की राय निर्णायक साबित हो सकती है।


कुल मिलाकर, बिहार की राजनीति इस वक्त जिस मोड़ पर खड़ी है, वहां ललन सिंह एक ‘किंगमेकर’ की भूमिका में नजर आ रहे हैं। आने वाले 48 घंटे न केवल बिहार के लिए, बल्कि राज्य की राजनीति में ललन सिंह के कद को भी नई ऊंचाई दे सकते हैं।