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Bihar News: यह कैसा न्याय..? 'नीतीश' की पार्टी में चल रहा गजब का खेल, दल विरोधी कार्य में JDU नेत्री की छीन गई कुर्सी और 'नेता' को मिला सम्मान ! चर्चा- अध्यक्ष की नजदीकी का मिल रहा लाभ

बिहार की सत्ताधारी जेडीयू में अनुशासन के नाम पर दोहरा मापदंड सामने आया है। एक ही शिकायत पर महिला नेत्री को पद से हटाया गया, जबकि अध्यक्ष के करीबी नेता पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे पार्टी की न्याय-प्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

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Viveka Nand
7 मिनट

Bihar News: बिहार की सत्ताधारी पार्टी जेडीयू में अजब-गजब का खेल चल रहा है. दल एक, शिकायतकर्ता एक, और आरोप भी समान, पर न्याय अलग-अलग। एक ही आरोप में नेत्री को सजा और पुरूष नेता को इनाम. कहा जा रहा है कि नेतृत्व से नजदीक होने की वजह से एक नेता का बाल-बांक नहीं हुआ, जबकि महिला नेता से उनकी कुर्सी छीन ली गई. इस तरह के निर्णयों से नीतीश कुमार की पार्टी की न्याय-व्यवस्था पर दल के अंदर ही सवाल खड़े होने लगे हैं. 

जानें क्या है पूरा मामला.....

बिहार विधानसभा चुनाव में जेडीयू के कई नेताओं ने दल विरोधी कार्य किए. दलीय प्रत्याशी के खिलाफ काम किया. जेडीयू प्रत्याशी को हराने के लिए राजद प्रत्याशी से हाथ मिला लिया. चुनाव खत्म होने के बाद चुनाव जीते जेडीयू प्रत्याशियों ने वैसे नेताओं की सूची नेतृत्व को सौंपी.इसके बाद प्रदेश नेतृत्व ने तीन सदस्यीय अनुशासन समिति का गठन किया और उन शिकायतों को सुना. समिति की रिपोर्ट के आधार पर कई नेताओं को दल से बाहर का रास्ता दिखाया गया है. जबकि कई ऐसे नेता हैं, जिनकी शिकायत मिलने पर नेतृत्व ने उन्हें पद से हटाये बिना दूसरे नेत्री को कमान सौंप दिया. यह काम इस तरह से किया गया कि सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे.   

जेडीयू विधायक की शिकायत के बाद नेतृत्व की खुली पोल....

जदयू विधायक मीना कुमारी ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा को पत्र लिखा. 26 नवंबर 2025 को लिखे पत्र में उन्होंने बाबूबरही विधानसभा चुनाव में दल विरोधी कार्य करने वाले नेताओं पर कार्रवाई करने का आग्रह किया. जेडीयू विधायक ने चुनाव खत्म होने के बाद चिन्हित वैसे नेताओं की सूची और आरोपों से प्रदेश अध्यक्ष को अवगत कराया. जेडीयू विधायक के शिकायती पत्र में पहले नंबर पर जदयू महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष भारती मेहता थी. पत्र में विधायक मीना कुमारी लिखती हैं कि भारती मेहता जो प्रदेश प्रवक्ता भी हैं, राज्य बीस-सूत्री की सदस्य (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त) हैं. इनका घर मेरे विधानसभा क्षेत्र में है. मुझे चुनाव हराने के लिए इन्होंने अपनी पूरी ताकत लगा दी. राजद प्रत्याशी के पक्ष में कार्य किया . इनके द्वारा चुनाव के दौरान अपने स्वजातीय लोगों से बोला जा रहा था कि जब तक मीना कामत चुनाव हारेगी नहीं, तब तक उन्हें टिकट नहीं मिलेगा.मीना कामत अगर जीत गई तो उन्हें (भारती मेहता) टिकट नहीं मिलेगा, इसलिए राजद को अपना वोट दें. यह बातें प्रमाणित हो चुकी हैं .

प्रदेश अध्यक्ष के बेहद करीबी बासुदेव कुशवाहा ने राजद प्रत्याशी के लिए काम किया 

दल विरोधी कार्य करने में दूसरे नंबर पर जदयू के प्रदेश महासचिव सह मुख्यालय प्रभारी वासुदेव कुशवाहा थे. विधायक मीना कुमारी अपने पत्र में लिखती हैं कि वासुदेव कुशवाहा प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के बहुत करीबी हैं.इनका घर मेरे विधानसभा क्षेत्र बाबू बरही में है. इन्होंने पूरी ताकत से मुझे हराने का किया. बासुदेव कुशवाहा ने विधानसभा चुनाव 2025 में राजद प्रत्याशी अरुण सिंह उर्फ अरुण कुशवाहा के लिए कार्य किया था.

जेडीय़ू विधायक की शिकायत के बाद क्या हुआ.....

जेडीयू विधायक मीना कामत ने 26 नवंबर 2025 को प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा को पत्र लिखकर भारती मेहता, बासुदेव कुशवाहा समेत दल के चार नेताओं के खिलाफ शिकायत की थी. शिकायत के बाद नेतृत्व ने क्या क्या...यह जानना बेहद जरूरी है. निर्णय जानकर आप दंग रह जाएंगे. स्पष्ट हो जायेगा कि नेतृत्व से करीब होने का कितना फायदा, और दूर होने की क्या सजा मिलती है. जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने मीना कुमारी की शिकायत पर आरोपी भारती मेहता को सजा दे दी. सजा ऐसी दी..जिसका कोई पत्र जारी नहीं हुआ. नेतृत्व ने इस फार्मूले पर काम किया कि ''सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे''.

बिना चिट्ठी जारी किए भारती मेहता की कर दी छुट्टी  

JDU प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने 17 दिसंबर 2025 को पत्र जारी किया. जिसमें कहा गया कि पूर्व मंत्री रंजू गीता को तत्काल प्रभाव से महिला प्रकोष्ठ का संयोजक नियुक्त किया जाता है. यह पत्र जारी कर नेतृत्व ने भारती मेहता जो अब तक महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष थीं, उनका पर कतर दिया. मेहता को हटाने का चिट्ठी जारी न कर उन्हें मौखिक बता दिया, अब आप महिला विंग की बॉस नहीं हैं. महिला प्रकोष्ठ की कमान अब रंजू गीता के हाथों में है. इस तरह से रंजू गीता को प्रदेश संयोजक नियुक्त कर भारती मेहता की छुट्टी कर दी गई. भारती मेहता अब महिला विंग की बैठक में नहीं दिखती हैं,इनकी जगह रंजू गीता होती हैं. 

अध्यक्ष के करीबी बासुदेव कुशवाहा का क्या हुआ....

जनता दल (यू) प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के सबसे करीबी और मुख्यालय प्रभारी बासुदेव कुशवाहा पर भी दल विरोधी कार्य करने के आरोप थे. विधायक मीना कुमारी ने अध्यक्ष से लिखित शिकायत की थी. क्या हुआ..जवाब है अब तक कुछ नहीं. जांच में इन पर कोई आरोप साबित नहीं हुए। हद तो तब हो गई जब ये अनुशासन समिति की बैठक में भी शामिल होते रहे. पार्टी के विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि जिस समिति को पार्टी विरोधी कार्य करने वाले नेताओं के खिलाफ जांच कर रिपोर्ट देना था, उस कमेटी की बैठक में भी बासुदेव कुशवाहा शामिल होते थे. जेडीयू अनुशासन समिति के एक सदस्य ने बताया कि सबूत न तो भारती मेहता के खिलाफ मिले और न बासुदेव कुशवाहा के खिलाफ. जब तक कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिलता है तब तक हम कैसे कह सकते हैं कि इन्होंने पार्टी विरोधी कार्य किया है. तो फिर भारती मेहता को क्यों हटाया गया ? सवाल पर अनुशासन समिति के सदस्य ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है.   

हालांकि, जेडीयू विधायक मीना कुमारी की शिकायती पत्र के बाद कार्रवाई की शैली पर दल के अंदर ही चरह-तरह की चर्चा चल पड़ी है. जब आरोप प्रमाणित ही नहीं हुए तो फिर भारती मेहता के साथ ऐसा सलूक क्यों...। बासुदेव कुशवाहा से  इतना प्रेम क्यों...? 

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता