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ISI की नई चाल का खुलासा: भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों पर नजर, जवानों के मोबाइल डेटा तक पहुंच बनाने की साजिश; बिहार में अलर्ट

देश की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा खुफिया अलर्ट सामने आया है, जिसमें हाईवे किनारे संदिग्ध गतिविधियों के जरिए सैन्य जानकारी जुटाने की आशंका जताई गई है। इस इनपुट के बाद बिहार में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। क्या है पूरा मामला, पढ़ें आगे…

ISI की नई चाल का खुलासा: भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों पर नजर, जवानों के मोबाइल डेटा तक पहुंच बनाने की साजिश; बिहार में अलर्ट
Ramakant kumar
4 मिनट

देश की सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद गंभीर अलर्ट सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ राज्य पुलिस को भी पूरी तरह सतर्क कर दिया है। खुफिया इनपुट के मुताबिक आईएसआई भारत के सैन्य प्रतिष्ठानों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए नई रणनीति पर काम कर रही है। इस साजिश के तहत हाईवे किनारे स्थायी ठिकाने बनाकर संवेदनशील जानकारियां जुटाने की कोशिश की जा सकती है।


सूत्रों के अनुसार, यह एजेंसी उन जगहों को चिन्हित कर रही है जहां हाईवे के आसपास सेना के ठिकाने या उससे जुड़े प्रतिष्ठान मौजूद हैं। योजना यह बताई जा रही है कि इन स्थानों के पास ढाबा, रेस्टोरेंट, मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान, कंप्यूटर सेंटर या जनसेवा केंद्र खोलकर लंबे समय तक मौजूद रहा जाए। इन दुकानों और प्रतिष्ठानों के जरिए आसपास की गतिविधियों पर नजर रखने और जानकारी इकट्ठा करने की आशंका जताई गई है।


खुफिया विभाग का मानना है कि इन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा सकते हैं, जिनके जरिए सेना की आवाजाही, वाहनों की मूवमेंट और अन्य गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जा सकता है। इसके अलावा इन ठिकानों के जरिए आसपास के लोगों से संपर्क बनाकर भी सूचनाएं जुटाने की कोशिश हो सकती है।


इस इनपुट के सामने आने के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने 24 अप्रैल को एक पत्र जारी कर पूरे राज्य में अलर्ट घोषित कर दिया है। सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में खासकर हाईवे के आसपास सतर्कता बढ़ाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करें।


पुलिस को यह भी कहा गया है कि हाईवे किनारे मौजूद ढाबों, होटलों, दुकानों और अन्य छोटे-बड़े प्रतिष्ठानों का सत्यापन किया जाए। जो भी नए प्रतिष्ठान हाल ही में खुले हैं या जिनकी गतिविधियां संदिग्ध लगती हैं, उनकी विशेष जांच की जाए। इसके साथ ही स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाने और इंटेलिजेंस नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।


मामले का एक और चिंताजनक पहलू सामने आया है। खुफिया एजेंसियों ने यह आशंका जताई है कि सेना के अधिकारियों और जवानों के मोबाइल फोन को भी निशाना बनाया जा सकता है। उनके डिवाइस में मैलवेयर डालकर संवेदनशील जानकारी चुराने की कोशिश हो सकती है। ऐसे में सुरक्षा बलों को अपने मोबाइल और डिजिटल उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।


हाईवे और सैन्य क्षेत्रों के आसपास गश्त बढ़ा दी गई है। संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों और गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ अन्य एजेंसियां भी मिलकर इस पूरे मामले पर काम कर रही हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।


इस पूरे मामले पर विवेक कुमार ने कहा कि फिलहाल उनके रेंज में ऐसी कोई ठोस गतिविधि सामने नहीं आई है, लेकिन एहतियात के तौर पर हर स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि नियमित पेट्रोलिंग जारी है और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।