1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 15, 2025, 7:16:33 AM
jp ganga path patna - फ़ोटो file photo
jp ganga path patna : बिहार की राजधानी पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 10 अप्रैल को जेपी गंगा पथ के 20.5 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया था, जो दीघा से दीदारगंज तक बना है। इसके तीन दिन बाद ही दीदारगंज के पास सड़क में दरार की सूचना मिली थी। जिसके बाद इंजीनियर उसे ठीक करने पहुंचे थे। इसी दौरान दरार की रिपोर्टिंग करने पर इंजीनियर भड़क गए उनकी रिपोर्टर से कहासुनी हो गई। इसके बाद अब इस मामले में एक और नया अपडेट सामने आया है।
दरअसल, जेपी गंगा पथ में आयी दरार की जांच आईआईटी सहित अन्य विशेषज्ञ संस्थानों से कराई जाएगी। वैसे प्रारम्भिक जांच में जेपी गंगा पथ पूरी तरह सुरक्षित पाया गया है। सोमवार को बिहार राज्य पथ विकास निगम के प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक ने खुद जेपी गंगा पथ का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में निगम के एमडी ने कहा कि प्रारम्भिक जांच में पता चला है कि जेपी गंगा पथ के पिलर और सम्पर्क पथ के बीच में जो एक्सपेंशन ज्वाइंट ढलाई से ढका हुआ था, 10 अप्रैल को इस सड़क से परिचालन शुरू होते ही कंपन के कारण यह ज्वाइंट सतह पर उभर गया था।
इसे फिर से भर दिया गया है। पुल संरचना में किसी प्रकार का क्रैक नहीं है। जेपी गंगा पथ पूरी तरह से सुरक्षित है। इसके बावजूद थर्ड पार्टी से इसकी जांच कराई जाएगी। आईआईटी सहित अन्य संस्थानों से बातचीत हो रही है। विभाग पूरी तरह सजग है। लोगों को पैनिक होने की जरूरत नहीं है। आवागमन निर्बाध रूप से जारी है।
वहीं, इसको लेकर पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि वे भी जेपी सेतु का निरीक्षण करेंगे। इस घटना की पूरी लिखित रिपोर्ट मांगी गई है। विभाग के आलाधिकारी पूरी नजर बनाये हुए हैं। फिलहाल ट्रैफिक सामान्य रूप से चालू है और इंजीनियरों की टीम ने गैप की फिलिंग कर दी है।