ब्रेकिंग
पटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानीबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं इंजीनियर कुमार शैलेंद्र? जो सम्राट सरकार में बनने जा रहे मंत्रीशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनापटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानीबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं इंजीनियर कुमार शैलेंद्र? जो सम्राट सरकार में बनने जा रहे मंत्रीशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चना

IGIMS में बहाली प्रक्रिया के अंदर गड़बड़ी, हाईकोर्ट ने सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति रद्द की

PATNA : पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में बहाली प्रक्रिया के अंदर गड़बड़ी पाई गई है. पटना हाईकोर्ट ने आईजीआईएमएस के ऑर्थोपेडिक विभाग में बहाली में गड़बड़ी पाते हुए 1 अस

IGIMS में बहाली प्रक्रिया के अंदर गड़बड़ी, हाईकोर्ट ने सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति रद्द की
Anamika
2 मिनट

PATNA : पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में बहाली प्रक्रिया के अंदर गड़बड़ी पाई गई है. पटना हाईकोर्ट ने आईजीआईएमएस के ऑर्थोपेडिक विभाग में बहाली में गड़बड़ी पाते हुए 1 असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति रद्द कर दी है. न्यायमूर्ति प्रभात कुमार झा की एकल पीठ में डॉक्टर पवन कुमार की रिट याचिका को मंजूर करते हुए संस्थान को निर्देश दिया है कि वह नियुक्ति को रद्द करे.

 पटना हाईकोर्ट ने नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द करने के साथ-साथ बहाल असिस्टेंट प्रोफेसर की जगह याचिकाकर्ता को नियुक्त करने पर विचार करने के लिए 3 महीने का वक्त दिया है. साल 2018 में ऑर्थो विभाग के अंदर 4 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला गया था. 3 पद सामान्य और एक एससी के लिए आरक्षित था. याचिकाकर्ता पहले से ही एडहॉक पर संस्थान में काम कर रहे थे उन्होंने भी आवेदन किया लेकिन अंतिम चयन सूची में उनका नाम वेटिंग लिस्ट के अंदर आया.

 इसके बाद उन्होंने पटना हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नियुक्ति में कुछ गड़बड़ियां पाई और नियुक्त हुए एक अभ्यर्थी को गलत तरीके से अंक देने की बात सामने आई और इसके बाद बहाल हुए सहायक प्रोफेसर डॉ कुमार चंदन की नियुक्ति को रद्द करने का आदेश दिया गया है.

संबंधित खबरें