Bihar weather : घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बाद बिहार में धूप से राहत, 48 घंटे बाद फिर लौटेगी शीत लहर

लगभग एक महीने तक घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बाद बिहार के कुछ हिस्सों में रविवार को धूप खिली। हालांकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यह राहत सिर्फ 48 घंटे की है, इसके बाद शीत लहर फिर लौटेगी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 12 Jan 2026 07:15:04 AM IST

Bihar weather : घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बाद बिहार में धूप से राहत, 48 घंटे बाद फिर लौटेगी शीत लहर

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Bihar weather : लगभग एक महीने तक घने कोहरे और कड़ाके की ठंड से जूझ रहे बिहारवासियों के लिए रविवार की सुबह कुछ राहत लेकर आई। राज्य के कई हिस्सों में लंबे समय बाद धूप खिली, जिससे लोगों ने सर्दी से थोड़ी राहत महसूस की। हालांकि मौसम विशेषज्ञों ने साफ किया है कि यह राहत अस्थायी है और केवल अगले 48 घंटों तक ही टिकेगी। इसके बाद एक बार फिर शीत लहर का असर बढ़ने की संभावना है।


पिछले करीब चार हफ्तों से बिहार का मौसम लगातार कठोर बना हुआ है। घना कोहरा, ठंडी पछुआ हवाएं और सूर्य की अनुपस्थिति के कारण दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे बना रहा। खासकर उत्तर और मध्य बिहार के जिलों—जैसे पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गोपालगंज और छपरा—में लोगों को दिनभर कंपकंपाती ठंड का सामना करना पड़ा। कई जिलों में कोल्ड डे की स्थिति बनी रही, जहां अधिकतम तापमान 12 से 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया।


रविवार को धूप निकलने से अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी गई। पटना समेत कई शहरों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ा, जिससे सर्दी की तीव्रता कुछ कम महसूस हुई। सुबह के समय हालांकि कोहरे का असर बना रहा, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ा, आसमान साफ होता गया और धूप निकल आई। धूप खिलते ही बाजारों, पार्कों और सड़कों पर लोगों की चहल-पहल बढ़ गई। बुजुर्गों और बच्चों को खास तौर पर राहत महसूस हुई।


मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने और हवाओं की दिशा में अस्थायी परिवर्तन के कारण हुआ है। फिलहाल उत्तर-पश्चिमी हवाओं की रफ्तार में थोड़ी कमी आई है, जिससे ठंड का प्रभाव कम हुआ है। लेकिन यह स्थिति ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पटना केंद्र के वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 48 घंटों के बाद एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर बिहार के मौसम पर साफ दिखाई देगा।


विशेषज्ञों के मुताबिक, नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होते ही उत्तर भारत से फिर से ठंडी हवाएं बिहार की ओर बढ़ेंगी। इसके कारण न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। खासकर रात और सुबह के समय ठंड का प्रकोप बढ़ेगा। कई जिलों में घना कोहरा छाने और शीत लहर जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई गई है।


ग्रामीण इलाकों में ठंड का असर पहले से ही ज्यादा महसूस किया जा रहा है। खेतों में काम करने वाले मजदूरों और किसानों को सुबह-शाम कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। पशुपालकों के लिए भी यह मौसम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। ठंड के कारण पशुओं के बीमार पड़ने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।


स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी ठंड के इस दौर में सावधानी बरतने की सलाह दी है। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सतर्कता रखने को कहा गया है। डॉक्टरों के अनुसार, अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव से सर्दी, खांसी, फ्लू और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त गर्म पेय पदार्थ लेने की सलाह दी गई है।


राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने भी ठंड को देखते हुए अलर्ट मोड अपनाया है। कई जिलों में रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है और अलाव जलाए जा रहे हैं, ताकि बेघर और जरूरतमंद लोगों को राहत मिल सके। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों पर ध्यान दें और अनावश्यक रूप से ठंड में बाहर निकलने से बचें।


कुल मिलाकर, रविवार को धूप निकलने से भले ही लोगों को कुछ देर के लिए राहत मिली हो, लेकिन मौसम विशेषज्ञों की चेतावनी साफ है कि यह राहत ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी। आने वाले दिनों में बिहार को एक बार फिर कड़ाके की ठंड और शीत लहर का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में सावधानी और सतर्कता ही सब केसे बड़ा बचाव है।