1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 03 Jan 2026 03:24:22 PM IST
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Hardik Pandya : भारत के धाकड़ ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या का फॉर्म एक बार फिर चरम पर नजर आ रहा है। अफ्रीका के खिलाफ हालिया अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ में दमदार प्रदर्शन के बाद अब घरेलू क्रिकेट में भी हार्दिक ने अपनी बल्लेबाजी से तहलका मचा दिया है। शनिवार को विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के मुकाबले में बड़ौदा की ओर से खेलते हुए उन्होंने विदर्भ के खिलाफ ऐसी विस्फोटक पारी खेली, जिसने मैदान पर मौजूद दर्शकों के साथ-साथ क्रिकेट प्रेमियों को भी रोमांच से भर दिया।
इस मुकाबले में बड़ौदा की शुरुआत बेहद खराब रही। शीर्ष क्रम पूरी तरह बिखर गया और एक समय टीम का स्कोर छह विकेट पर महज 136 रन था। ऐसा लग रहा था कि बड़ौदा एक मामूली स्कोर तक ही सिमट जाएगी। लेकिन इसके बाद सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे हार्दिक पांड्या ने मैच की तस्वीर ही बदल दी। उन्होंने आते ही आक्रामक अंदाज अपनाया और विदर्भ के गेंदबाजों पर जमकर प्रहार शुरू कर दिया।
हार्दिक ने सिर्फ 68 गेंदों में अपना शतक पूरा किया, जो इस टूर्नामेंट के सबसे तेज शतकों में से एक माना जा रहा है। उन्होंने 93 गेंदों पर 133 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 11 छक्के और 8 चौके शामिल थे। उनकी इस तूफानी बल्लेबाजी ने विदर्भ के गेंदबाजों की रणनीति पूरी तरह ध्वस्त कर दी। खास बात यह रही कि हार्दिक ने बड़े शॉट खेलने में कोई हिचक नहीं दिखाई और हर कमजोर गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचाया।
इस पारी का सबसे रोमांचक पल 39वां ओवर रहा, जब हार्दिक ने विदर्भ के स्पिनर पार्थ रेखाडे को अपना निशाना बनाया। इस ओवर में हार्दिक ने कुल 34 रन बटोरे। उन्होंने ओवर की पहली पांच गेंदों पर लगातार पांच छक्के जड़ दिए, जिससे स्टेडियम में बैठे दर्शक झूम उठे। आखिरी गेंद पर वह छक्का लगाने से चूक गए और चौका ही लगा सके, जिसके कारण वह एक ओवर में छह छक्के लगाने के ऐतिहासिक रिकॉर्ड से थोड़ा सा पीछे रह गए। इसके बावजूद उनका यह ओवर मैच का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।
हार्दिक पांड्या के इस प्रदर्शन की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि यह उनका विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 का पहला मैच था। इसके साथ ही उन्होंने अपने 119वें लिस्ट ए मुकाबले में अपना पहला शतक भी जड़ दिया। लंबे समय से इस प्रारूप में शतक का इंतजार कर रहे हार्दिक के लिए यह पारी बेहद खास रही। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास, ताकत और अनुभव का बेहतरीन संगम देखने को मिला।
हार्दिक की इस विस्फोटक पारी की बदौलत बड़ौदा की टीम नौ विकेट पर 293 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा करने में सफल रही। यह स्कोर उस स्थिति को देखते हुए और भी प्रभावशाली लगता है, जब टीम के छह विकेट 136 रन पर गिर चुके थे। हार्दिक के दबदबे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बड़ौदा की ओर से दूसरा सर्वोच्च स्कोर विष्णु सोलंकी का रहा, जिन्होंने सिर्फ 26 रन बनाए।
कुल मिलाकर हार्दिक पांड्या की यह पारी न सिर्फ बड़ौदा के लिए संजीवनी साबित हुई, बल्कि यह भी दिखाती है कि वह धीरे-धीरे अपने पुराने खतरनाक अंदाज में लौट रहे हैं। यदि वह इसी तरह का फॉर्म बनाए रखते हैं, तो आने वाले समय में भारतीय टीम के लिए भी वह एक बार फिर मैच विनर की भूमिका निभाते नजर आ सकते हैं। विजय हजारे ट्रॉफी में खेली गई यह पारी हार्दिक के करियर की यादगार पारियों में जरूर गिनी जाएगी।