1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 15 Jan 2026 11:50:21 AM IST
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Bihar news : गयाजी शहर के रामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत एपी कॉलोनी स्थित परमार न्यूरो स्पाइन एंड डेंटल क्लिनिक में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत के बाद बुधवार देर रात हालात बेकाबू हो गए। मृतक की पहचान देवकी यादव के रूप में हुई है। मरीज की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और रिश्तेदार आक्रोशित हो उठे और अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। गुस्साए लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ भी की। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की गंभीर लापरवाही के कारण देवकी यादव की जान चली गई।
घटना की जानकारी मिलते ही रामपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। पुलिस और परिजनों के बीच काफी देर तक समझाने-बुझाने का दौर चलता रहा। देर रात तक अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस प्रशासन का कहना है कि फिलहाल शांति व्यवस्था बनाए रखने पर फोकस किया जा रहा है।
मृतक के साढ़ू राजेश कुमार और आयुष चौधरी ने बताया कि कुछ दिन पहले देवकी यादव का सड़क दुर्घटना में एक्सीडेंट हो गया था। हादसे में उनकी गर्दन की हड्डी टूट गई थी। इलाज के लिए परिजन परमार नर्सिंग होम पहुंचे थे। परिजनों के अनुसार, डॉक्टर कनिष्क परमार ने इसे सामान्य ऑपरेशन बताते हुए भरोसा दिलाया था कि मरीज पूरी तरह ठीक हो जाएगा। ऑपरेशन का खर्च करीब डेढ़ लाख रुपये बताया गया था, जिसमें से बुधवार को 50 हजार रुपये अस्पताल में जमा कराए गए थे।
परिजनों का कहना है कि बुधवार शाम करीब छह बजे देवकी यादव को ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया। ऑपरेशन के बाद घंटों तक मरीज की स्थिति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। बार-बार पूछने पर डॉक्टर ने ऑपरेशन का एक वीडियो क्लिप दिखाया और बताया कि गर्दन में दो रॉड और तीन क्लिप लगाए गए हैं। इसके बावजूद परिजनों को मरीज से मिलने या उससे बातचीत करने की अनुमति नहीं दी गई। उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि मरीज की हालत ठीक है और चिंता की कोई बात नहीं है।
परिजनों का आरोप है कि रात के बाद से ही मरीज की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने इसकी जानकारी छिपाए रखी। सुबह होते-होते परिजनों को बताया गया कि मरीज को कार्डियक अरेस्ट आया और उसकी मौत हो गई। इसी बात को लेकर परिजन भड़क गए और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया। गुस्साए लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
वहीं, इस पूरे मामले पर डॉक्टर कनिष्क परमार ने परिजनों के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने बताया कि देवकी यादव को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। उनकी गर्दन में कई जगह फ्रैक्चर थे। सभी जरूरी मेडिकल जांच और एहतियात के बाद ऑपरेशन किया गया था। डॉक्टर का दावा है कि ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा, लेकिन बाद में मरीज को अचानक कार्डियक अरेस्ट आ गया। उसे बचाने के लिए सीपीआर समेत सभी जरूरी मेडिकल कदम उठाए गए, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद मरीज की जान नहीं बचाई जा सकी। उन्होंने कहा कि इसे डॉक्टर की लापरवाही कहना बिल्कुल गलत है।
रामपुर थानाध्यक्ष दिनेश सिंह ने बताया कि फिलहाल मृतक के परिजनों की ओर से कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलते ही मामले की जांच शुरू की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के बाद से अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ नर्सिंग होम से नदारद बताए जा रहे हैं। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।