1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 08 Jan 2026 01:29:31 PM IST
- फ़ोटो
Gaya Civil Court bomb threat : बिहार के गया सिविल कोर्ट परिसर में बम होने की सूचना से हड़कंप मच गया। जिला प्रशासन ने एहतियातन पूरे कोर्ट कैंपस को खाली करा लिया है और इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई, जिससे कोर्ट परिसर और उसके आसपास का इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया है और उनकी जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, गया जिला सत्र एवं न्यायाधीश की सरकारी ई‑मेल आईडी पर एक धमकी भरा पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें कोर्ट परिसर को निशाना बनाने की बात कही गई है। पत्र में दावा किया गया है कि कुछ समूह अपनी मांगों को लेकर यह कदम उठा रहे हैं। हालांकि, इस पत्र की सत्यता और उसमें किए गए दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है। प्रशासन और पुलिस इसे एक गंभीर सुरक्षा अलर्ट मानते हुए हर स्तर पर सतर्कता बरत रहे हैं।
धमकी भरे पत्र में कुछ कथित सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों का उल्लेख करते हुए अत्यंत आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया है। पत्र में हिंसक कार्रवाई की आशंका जताई गई है और कोर्ट परिसर को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है। सुरक्षा एजेंसियां इस सामग्री को संदिग्ध मानते हुए जांच कर रही हैं और इसे किसी साजिश के तहत फैलाया गया डर भी माना जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने त्वरित निर्णय लेते हुए कोर्ट परिसर में मौजूद न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी, वकील और आम नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला। एंट्री‑एग्जिट प्वाइंट्स पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी है। आसपास के मार्गों पर वाहनों की आवाजाही सीमित कर दी गई है, ताकि जांच कार्य में कोई बाधा न आए। ड्रोन और सीसीटीवी फुटेज की भी मदद ली जा रही है, वहीं संदिग्ध ई‑मेल की साइबर फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बम निरोधक दस्ते द्वारा परिसर की चरणबद्ध तलाशी ली जा रही है। हर इमारत, कोर्ट रूम, रिकॉर्ड रूम और सार्वजनिक स्थानों की बारीकी से जांच की जा रही है। किसी भी तरह की अफवाह से बचने की अपील करते हुए प्रशासन ने लोगों से सहयोग की मांग की है। पुलिस ने यह भी कहा है कि जांच के दौरान किसी प्रकार की आपत्तिजनक वस्तु मिलने पर तय प्रोटोकॉल के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभी तक बम होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। यह एक धमकी है, जिसे गंभीरता से लिया जा रहा है। कानून‑व्यवस्था बनाए रखने और जन‑सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। कोर्ट के कामकाज को फिलहाल स्थगित रखा गया है और स्थिति सामान्य होने पर ही पुनः बहाली पर निर्णय लिया जाएगा।
इधर, घटना के बाद वकीलों और आम लोगों में चिंता देखी गई, लेकिन प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से किसी भी अनहोनी की आशंका टल गई। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।