1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 28 Jan 2026 11:44:25 AM IST
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Vijay Kumar Sinha : बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक बार फिर विभागीय अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। गया दौरे के दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भूमि और नाम सुधार से जुड़े मामलों में अगर किसी भी स्तर पर लटकाने‑भटकाने की नीति अपनाई गई तो संबंधित अधिकारी को नौकरी करने लायक नहीं छोड़ा जाएगा। मंत्री के इस बयान से विभाग में हड़कंप मच गया है।
मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि उन्हें भली‑भांति पता है कि विभाग में काम किस तरह से होता है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि “नाम सुधारने के लिए अंचल में कौन‑कौन से देवता खुश किए जाते हैं, यह मुझे सब मालूम है।” उनका इशारा साफ तौर पर भ्रष्टाचार और बिचौलियों की ओर था। उन्होंने कहा कि अब यह सब नहीं चलेगा और जनता को बेवजह परेशान करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी जानबूझकर फाइलों को लटकाता है या जनता को भटकाने का काम करता है, तो उसके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। मंत्री ने दो टूक कहा कि राजस्व विभाग जनता की सेवा के लिए है, न कि उन्हें परेशान करने के लिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार जनता को न्याय दिलाने के लिए बैठी है, न कि समस्याओं को और बढ़ाने के लिए।
अपने तीखे अंदाज में मंत्री ने अधिकारियों को चेताते हुए कहा, “अगर कोई नौटंकी करेगा तो उसे यह भी समझ लेना चाहिए कि मुझे उससे बेहतर नौटंकी करना आता है। ड्रामा अब नहीं चलेगा।” उनके इस बयान को अधिकारियों के लिए आखिरी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब काम पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से करना ही होगा।
मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों (सीओ) को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं कि नाम सुधार, भूमि विवाद, दाखिल‑खारिज और अन्य राजस्व मामलों का निपटारा जल्द से जल्द किया जाए। किसी भी मामले में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि शिकायतें मिलती हैं तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। जमीन से जुड़े मामलों में आम लोगों को वर्षों तक दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं, यह स्थिति अब बदलेगी। मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं को गंभीरता से लें और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल करें।
गौरतलब है कि बिहार में भूमि और नाम सुधार से जुड़े मामलों में अक्सर भ्रष्टाचार और देरी की शिकायतें सामने आती रही हैं। मंत्री के इस सख्त रुख को आम जनता के लिए राहत भरा माना जा रहा है। वहीं विभागीय अधिकारियों के बीच इस बयान के बाद सतर्कता बढ़ गई है।
मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अंत में कहा कि जो अधिकारी ईमानदारी से काम करेंगे, उन्हें सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा, लेकिन जो लोग व्यवस्था को बदनाम करने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है। उनका यह बयान साफ संकेत देता है कि अब राजस्व विभाग में लापरवाही और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की तैयारी पूरी है।