1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Jan 28, 2026, 11:02:11 AM
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Bihar News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सूबे के सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत डॉक्टरों द्वारा की जा रही निजी प्रैक्टिस पर पूर्ण रोक लगाने का बड़ा निर्णय लिया है. हाल ही में सीएम नीतीश ने इसकी घोषणा की है. मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब स्वास्थ्य विभाग इस पर काम करना शुरू कर दिया है. इसके लिए एक हाईलेवल कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें चिकित्सकों के संघ को भी रखा गया है.
प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक पर विचार विमर्श को लेकर कमेटी
सरकारी डॉक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक जैसा कदम 'सात निश्चय-3' के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की उपस्थिति बढ़ाने और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है. स्वास्थ्य विभाग ने एक कमेटी के गठन का निर्णय लिया है. स्वास्थ्य विभाग के आदेश में कहा गया है कि सुलभ स्वास्थ्य सुरक्षित जीवन के क्रियान्वयन को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए चिकित्सकों को अलग से प्रोत्साहन की व्यवस्था की जाएगी. साथ ही सरकारी चिकित्सकों को निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने की नीति लाना है. नीतिगत मामलों में विचार विमर्श को लेकर एक कमेटी का गठन किया जाता है.
रेखा झा को बनाया गया अध्यक्ष
स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रमुख (नर्सिंग एवं रोग नियंत्रण) डॉक्टर रेखा झा को कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है.पीएमसीएच के अधीक्षक भी कमेटी में होंगे. जबकि एनएमसीएच के प्राचार्य सदस्य होंगे. बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के अध्यक्ष डॉक्टर के. के. मणी को भी सदस्य के रूप में रखा गया है. बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के महासचिव डॉक्टर रोहित कुमार सदस्य और आइजीआइएमएस के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ विभूति प्रसाद सिंह को भी सदस्य बनाया गया है.