ब्रेकिंग
मंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकारबिहार में बनेगा वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स साइंस सेंटर, खिलाड़ियों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण; सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकारबिहार में बनेगा वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स साइंस सेंटर, खिलाड़ियों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण; सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला

फर्जी डिग्रियों के आधार पर शिक्षक नियुक्ती मामले को लेकर HC सख्त, राज्य सरकार से मांगा पूरा ब्यौरा

PATNA : राज्य के स्कूलों में बड़े पैमाने पर फर्जी डिग्रियों के आधार पर शिक्षक नियुक्ती मामले को लेकर HC सख्त है. हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से दो सप्ताह में पूरा ब्यौरा पेश

फर्जी डिग्रियों के आधार पर शिक्षक नियुक्ती मामले को लेकर HC सख्त, राज्य सरकार से मांगा पूरा ब्यौरा
Anamika
2 मिनट

PATNA : राज्य के स्कूलों में बड़े पैमाने पर फर्जी डिग्रियों के आधार पर शिक्षक नियुक्ती मामले को लेकर HC सख्त है. हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से दो सप्ताह में पूरा ब्यौरा पेश करने का निर्देश दिया है.

रंजीत पंडित की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए  चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने कहा कि जवाब देने के लिए राज्य सरकार को आखिरी मोहलत दी गई है. राज्य सरकार को सभी का ब्यौरा उपलब्ध कराना है. 

बता दें कि याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दीनू कुमार ने कोर्ट को बताया कि राज्य के स्कूलों में बड़े पैमाने पर फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी कर रहे हैं. ऐसी शिक्षकों की संख्या लाख में है. इससे पहले की सुनवाई में निगरानी विभाग की ओर से कहा गया था कि ऐसे अवैध रूप से सरकारी सेवा में बने शिक्षकों के मामले की जांच में बाधाएं आ रही है. अवैध रूप से सरकारी सेवा में बने शिक्षकों का अभी तक फोल्डर भी पूरी तरह उपलब्ध नहीं कराया गया है. इस मामले पर अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद की जाएगी.