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ED search operation : फर्जी रेलवे भर्ती मामले में बिहार सहित 4 राज्यों में ED की रेड, करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग का भी आरोप

ईडी ने फर्जी रेलवे नौकरी घोटाले में चार राज्यों बिहार, यूपी, गुजरात और तमिलनाडु में बड़े पैमाने पर छापेमारी की। करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा, जांच जारी।

ED search operation : फर्जी रेलवे भर्ती मामले में बिहार सहित 4 राज्यों में ED की रेड, करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग का भी आरोप
Tejpratap
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ED search operation : देशभर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे बड़े घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार सुबह से व्यापक छापेमारी अभियान शुरू कर दिया है। ईडी की यह कार्रवाई फर्जी भर्तियों के जरिए लाखों लोगों को ठगने वाले एक संगठित गिरोह के खिलाफ की जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह स्कैम खासकर भारतीय रेलवे और देश के अन्य 40 सरकारी विभागों में भर्तियों के नाम पर संचालित किया जा रहा था।


ईडी के अनुसार, यह गैंग फर्जी ईमेल अकाउंट और दस्तावेज तैयार कर लोगों को नियुक्ति पत्र, कॉल लेटर और अन्य सरकारी प्रमाण पत्र भेजता था। इन दस्तावेज़ों को इस तरह तैयार किया जाता था कि देखने में यह बिल्कुल सरकारी विभागों के द्वारा जारी किए गए दस्तावेज़ लगते थे। इस ठगी में लोगों का विश्वास जीतने के लिए गिरोह ने कुछ लोगों के बैंक खातों में 2 से 3 महीने तक सैलरी भी भेजी। विशेष रूप से आरपीएफ, टीटीई, रेलवे टेक्नीशियन, डाक विभाग, वन विभाग, टैक्स डिपार्टमेंट, हाई कोर्ट, लोक निर्माण विभाग, बिहार सरकार, दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (डीडीए), राजस्थान सचिवालय आदि के नाम पर यह घोटाला किया गया।


इस घोटाले का तरीका बेहद चालाक था। गिरोह पहले लोगों को नौकरी देने का भरोसा दिलाता, फिर कुछ समय के लिए उनके बैंक खातों में सैलरी ट्रांसफर करता, ताकि विश्वास पैदा हो और फिर मोटी रकम ठग ली जाती। इसके लिए गिरोह ने कई फर्जी ईमेल अकाउंट बनाए, जो देखने में बिल्कुल सरकारी विभागों के ऑफिशियल ईमेल जैसे लगते थे। ईडी के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क अत्यंत संगठित और पेशेवर तरीके से संचालित किया जा रहा था।


इस मामले में ईडी ने बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात और केरल में छापेमारी की है। इन 6 राज्यों के कुल 15 शहरों में रेड जारी हैं। उत्तर प्रदेश में गोरखपुर में दो जगहों पर ईडी की टीम छापेमारी कर रही है, जबकि इलाहाबाद और लखनऊ में एक-एक स्थान पर छापेमारी चल रही है। बिहार में मुजफ्फरपुर में एक स्थान पर और मोतिहारी में दो स्थानों पर छापे मारे जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भी इस गिरोह के दो ठिकानों पर रेड की जा रही है। इसके अलावा चेन्नई, राजकोट और केरल के चार शहरों में भी ईडी ने रेड की पुष्टि की है।


इस कार्रवाई को ईडी के अधिकारी “महत्वपूर्ण और समयोचित” बताते हुए कहते हैं कि यह मामला सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर चल रही ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। गिरोह ने विभिन्न सरकारी विभागों के नाम और फर्जी दस्तावेज़ों के जरिए न केवल आम जनता को ठगा, बल्कि करोड़ों रुपये की आर्थिक ठगी की। ईडी अधिकारियों का कहना है कि इस रेड से कई महत्वपूर्ण सुराग और डिजिटल साक्ष्य मिल सकते हैं, जो गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा करेंगे।


विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के स्कैम में आम तौर पर सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का भी इस्तेमाल किया जाता है। इस मामले में ईडी ने अब तक जो जानकारी जुटाई है, उसके मुताबिक गिरोह के पास फर्जी जॉब पोर्टल, ईमेल और बैंक अकाउंट का व्यापक नेटवर्क है। इसके जरिए यह गिरोह लोगों को भर्तियों के नाम पर आकर्षित करता और फिर उनसे भारी रकम ऐंठ लेता।


ईडी की यह कार्रवाई उन लाखों लोगों के लिए चेतावनी भी है, जो सरकारी नौकरी पाने के नाम पर अनजाने में फर्जी गिरोह के जाल में फंस सकते हैं। अधिकारी लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे किसी भी अनौपचारिक चैनल या अविश्वसनीय माध्यम से नौकरी पाने का दावा करने वाले व्यक्तियों पर भरोसा न करें और हमेशा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या नोटिस से ही जानकारी लें।


फिलहाल, इस छापेमारी के दौरान ईडी की टीम ने कई डिजिटल उपकरण, फर्जी दस्तावेज और बैंकिंग ट्रांज़ैक्शन से जुड़े प्रमाण जुटाए हैं। आने वाले दिनों में इन सबका विश्लेषण कर ईडी गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके धन-आस्तियों तक पहुँचने की कोशिश करेगी। इस मामले में आगे की जांच से पता चल सकता है कि यह घोटाला कितने समय से चल रहा था और इससे कितने लोगों को नुकसान हुआ है।