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कल से शुरू होगा जनगणना 2027 का पहला चरण, घर बैठे खुद भरें परिवार की जानकारी; 33 सवालों का देना होगा जवाब

Digital Census 2027: डिजिटल जनगणना 2027 के तहत अब लोग घर बैठे मोबाइल से अपनी जानकारी भर सकेंगे। 17 अप्रैल से शुरू हो रही स्व-गणना प्रक्रिया से डेटा संग्रह तेज और अधिक सटीक होगा।

Digital Census 2027
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Digital Census 2027: बिहार समेत पूरे देश में डिजिटल क्रांति के बीच जनगणना का स्वरूप अब पूरी तरह बदलने जा रहा है। अब लोगों को जनगणना कर्मियों का इंतजार नहीं करना होगा। जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत 17 अप्रैल से सेल्फ-इन्यूमरेशन (स्व-गणना) की सुविधा शुरू हो रही है, जिससे नागरिक घर बैठे अपने मोबाइल के जरिए परिवार की जानकारी पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे। यह पहल प्रक्रिया को तेज करने के साथ-साथ डेटा की सटीकता भी सुनिश्चित करेगी।


जनगणना कार्य सह नागरिक निबंधन बिहार की निदेशक रंजीता ने बताया कि 17 अप्रैल से 1 मई तक नागरिक पोर्टल पर जाकर 33 महत्वपूर्ण सवालों के जवाब खुद भर सकते हैं। इसके लिए मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करना होगा। डेटा जमा करने के बाद एक यूनिक आईडी नंबर मिलेगा, जिसे सुरक्षित रखना जरूरी है। 2 मई से जब जनगणना कर्मी घर आएंगे, तो केवल यह आईडी दिखाने पर प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाएगी।


इस बार जनगणना में मकान और परिवार के वर्गीकरण को लेकर स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। यदि एक ही मकान में अलग-अलग चूल्हे उपयोग हो रहे हैं, तो उन्हें अलग परिवार माना जाएगा। वहीं, यदि गणना के दौरान घर पर कोई नहीं मिलता, तो उसे खाली मकान के रूप में दर्ज किया जाएगा। नागरिकों से मकान के मालिकाना हक, दीवार और छत की सामग्री, कमरों की संख्या और विवाहित जोड़ों जैसी विस्तृत जानकारी मांगी जाएगी।


राज्य से बाहर रह रहे बिहार के निवासियों को भी इस प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलेगा। वे पोर्टल के जरिए अपने मूल निवास की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। डेटा सबमिट करने से पहले उसे एडिट करने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने इस पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया है, ताकि कोई भी नागरिक इस महत्वपूर्ण कार्य से वंचित न रहे।


मई 2026 में शुरू हो रहा यह चरण मकानों की सूची तैयार करने और प्रारंभिक डेटा संग्रह के लिए है, जबकि वास्तविक जनगणना (हेडकाउंट) फरवरी 2027 में दूसरे चरण में होगी। डिजिटल माध्यम से होने वाली यह जनगणना भविष्य की योजनाओं और सरकारी नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसलिए नागरिकों से अपील है कि वे अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सही और पूर्ण जानकारी पोर्टल पर दर्ज करें।

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रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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