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Lalu Yadav : दिल्ली से लौटे लालू यादव, लैंड फॉर जॉब मामले में कल ही तय हुए आरोप

पूर्व बिहार मुख्यमंत्री और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव दिल्ली से बिहार लौट चुके हैं। उनका यह दौरा विशेष रूप से ‘लैंड फॉर जॉब’ मामले से जुड़ा था, जिसमें कल ही उनके खिलाफ औपचारिक आरोप तय किए गए। आ

Lalu Yadav : दिल्ली से लौटे लालू यादव, लैंड फॉर जॉब मामले में कल ही तय हुए आरोप
Tejpratap
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Lalu Yadav : राजद प्रमुख और पूर्व बिहार मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव राजधानी दिल्ली से बिहार लौट चुके हैं। उनकी यह यात्रा विशेष रूप से इलाज करवाने को लेकर बताया जा रहा था। हालांकि,कुछ सूत्रों का यह भी कहना है कि एक तरह से यह यात्रा ‘लैंड फॉर जॉब’ मामले से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाओं और राजनीतिक मामलों के सिलसिले में थी। इस मामले में कल ही उनके खिलाफ आरोप तय किए गए हैं, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मची हुई है।


लालू प्रसाद पर आरोप हैं कि जिस दिनों वे रेल मंत्री थे उसी दौर में बिना विज्ञापन, बिना तय प्रक्रिया, ग्रुप डी में नियुक्तियों का सिलसिला शुरू हुआ। मुंबई, कोलकाता, जबलपुर और जयपुर जोन में नाम चढ़ते गए। बाहर से सब सामान्य दिखता रहा, लेकिन परदे के पीछे जमीन के कागज खिसकते रहे। किसी ने अपनी जमीन राबड़ी देवी के नाम कर दी, किसी ने मीसा भारती के नाम। कहीं बाद में वही जमीन हेमा यादव को गिफ्ट की गई। कीमत कागजों में कुछ लाख, जबकि बाजार में करोड़ों की। बदले में नौकरी। पहले अस्थायी, फिर पक्की।


इस कहानी से एक दिन पर्दा हट गया। सत्ता बदली तो रेलवे में बिना किसी विज्ञापन रेबड़ियों की तरह नौकरी बांटने की जांच शुरू हुई। पहले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपने तरीके से मामले की जांच-पड़ताल की। जांच के बाद पहली चार्जशीट आई तब आरोपियों में सात लोगों के नाम थे। लेकिन दूसरी चार्जशीट में नाम बढ़कर 78 हो गए, इनमें वे 38 लोग भी थे जिन्हें नौकरियां दी गईं।


इससे पहले ईडी इसमें मनी लांड्रिंग का केस कर चुकी थी। दावा किया गया कि लालू परिवार को सात जगहों पर जमीन मिली और करीब एक लाख पांच हजार वर्ग फीट से ज्यादा जमीन महज 26 लाख में खरीदी गई, जबकि उसकी कीमत 4.39 करोड़ से अधिक थी। आरोप यहां तक पहुंचे कि यह खेल 600 करोड़ रुपये की मनी लांड्रिंग तक फैला है।