Danapur Bihta Elevated Road: बिहार के इस महत्वपूर्ण रोड प्रोजेक्ट का काम अटका, सामने आई यह बड़ी वजह

Danapur Bihta Elevated Road: जमीन अधिग्रहण और स्ट्रक्चर नहीं हटने के कारण दानापुर–बिहटा एलिवेटेड रोड परियोजना में लगभग 7 महीने की देरी होगी. सड़क निर्माण का काम मार्च 2027 तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है.

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Sun, 11 Jan 2026 11:50:25 AM IST

Danapur Bihta Elevated Road

प्रतिकात्मक - फ़ोटो Google

Danapur Bihta Elevated Road: बिहार में कई बड़े सड़क प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है, लेकिन दानापुर–बिहटा एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य फिलहाल अटका हुआ है। इसकी मुख्य वजह जमीन अधिग्रहण में देरी और रैयती जमीन पर बने स्ट्रक्चर का नहीं हटाया जाना बताया जा रहा है। महादेव फुलाड़ी और पतसा मौजा के पास भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। महादेव फुलाड़ी क्षेत्र में रैयती जमीन पर मौजूद स्ट्रक्चर हटने में देरी हो रही है, वहीं रोड क्लोजर सही ढंग से नहीं होने से भी काम में बाधा आ रही है।


इस परियोजना को सितंबर 2026 तक पूरा किया जाना था, लेकिन अब इसके निर्माण में लगभग सात महीने की देरी की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में दानापुर–बिहटा एलिवेटेड रोड का काम मार्च 2027 तक पूरा होने की संभावना है। जानकारी के अनुसार, बिहटा प्रखंड के महादेव फुलाड़ी इलाके में एलिवेटेड रोड के नीचे हो रहे सड़क निर्माण में जमीन अधिग्रहण की समस्या सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।


महादेव फुलाड़ी मौजा में अब तक केवल सात रैयतों को मुआवजा मिल पाया है, जबकि पतसा मौजा में सिर्फ दो रैयतों को भुगतान किया गया है। मुआवजा प्रक्रिया में देरी के कारण भूमि अधिग्रहण भी धीमा हो गया है। इसके अलावा कुछ रैयत मुआवजे की राशि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, जिससे भुगतान प्रक्रिया और जटिल हो गई है। हालांकि प्रशासन की ओर से भुगतान में तेजी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। दानापुर की ओर परियोजना का करीब 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, लेकिन बिहटा की तरफ निर्माण की रफ्तार काफी धीमी है।


सूत्रों के अनुसार, कुल 22 मौजों में 104 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया है और 1002 रैयतों को करीब 191 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है। दानापुर के एसडीओ ने बताया कि दानापुर–बिहटा एलिवेटेड रोड परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण कर निर्माण एजेंसी को उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही स्ट्रक्चर हटाने की कार्रवाई भी जारी है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में जमीन के कागजात अधूरे होने के कारण मुआवजा भुगतान में देरी होती है, जांच पूरी होने के बाद ही भुगतान किया जाता है।


इससे पहले दिसंबर महीने में पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों ने परियोजना का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति, निर्माण की स्थिति और तकनीकी चुनौतियों की समीक्षा की थी और निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे। निर्माण एजेंसी के अधिकारियों ने भी तय समय सीमा में एलिवेटेड रोड का निर्माण पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन जमीन अधिग्रहण से जुड़ी अड़चनों के कारण समयसीमा आगे बढ़ती नजर आ रही है।