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Bihar Road Projects : दानापुर–बिहटा एलिवेटेड रोड अटका, जमीन अधिग्रहण बना बाधा; अब इस समय तक पूरा होने की उम्मीद

Bihar Road Projects : बिहार में सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार कई बड़े रोड प्रोजेक्ट्स पर एक साथ काम कर रही है। इन्हीं में से एक अहम परियोजना दानापुर–बिहटा एलिवेटेड रोड है,

Bihar Road Projects : दानापुर–बिहटा एलिवेटेड रोड अटका, जमीन अधिग्रहण बना बाधा; अब इस समय तक पूरा होने की उम्मीद
Tejpratap
Tejpratap
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Bihar Road Projects : बिहार में सड़क और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं पर तेज़ी से काम चल रहा है, लेकिन राजधानी पटना से सटे दानापुर–बिहटा एलिवेटेड रोड परियोजना फिलहाल गंभीर अड़चनों में फंसी हुई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य दानापुर और बिहटा के बीच यातायात को सुगम बनाना और जाम की समस्या से राहत दिलाना है, लेकिन जमीन अधिग्रहण और स्ट्रक्चर नहीं हटने के कारण निर्माण कार्य की रफ्तार धीमी पड़ गई है।


जमीन अधिग्रहण बना सबसे बड़ी बाधा

दानापुर–बिहटा एलिवेटेड रोड के निर्माण में सबसे बड़ी समस्या बिहटा प्रखंड के महादेव फुलाड़ी और पतसा मौजा के पास सामने आ रही है। महादेव फुलाड़ी क्षेत्र में रैयती जमीन पर बने स्ट्रक्चर अब तक पूरी तरह नहीं हट पाए हैं, जिससे एलिवेटेड रोड के नीचे बनने वाली सड़क का काम ठप पड़ा है। वहीं, कुछ स्थानों पर रोड क्लोजर की व्यवस्था भी ठीक से नहीं हो पाने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है।


प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में देरी और मुआवजा भुगतान से जुड़ी समस्याओं के कारण परियोजना समय पर पूरी होना मुश्किल नजर आ रहा है। कई रैयतों के कागजात अधूरे हैं, वहीं कुछ रैयत मुआवजे की राशि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इस कारण भुगतान प्रक्रिया लंबी खिंचती जा रही है।


अब 7 महीने की देरी तय

दानापुर–बिहटा एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य पहले सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए इसके पूरा होने में लगभग सात महीने की देरी होने की संभावना जताई जा रही है। अब यह परियोजना मार्च 2027 तक पूरी हो सकेगी। खासकर बिहटा की ओर जमीन अधिग्रहण में आ रही अड़चनें निर्माण की गति को काफी धीमा कर रही हैं।


दानापुर की ओर 40 प्रतिशत काम पूरा

परियोजना से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, दानापुर की तरफ एलिवेटेड रोड का लगभग 40 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। यहां काम अपेक्षाकृत तेज़ी से आगे बढ़ा है। हालांकि, बिहटा की ओर स्थिति अलग है, जहां जमीन अधिग्रहण और स्थानीय विवादों के कारण निर्माण की रफ्तार काफी कम हो गई है।


महादेव फुलाड़ी मौजा में अब तक सिर्फ सात रैयतों को ही मुआवजा मिल पाया है, जबकि पतसा मौजा में केवल दो रैयतों को भुगतान किया गया है। इतनी कम संख्या में मुआवजा वितरण होने से पूरे क्षेत्र में निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है।


22 मौजों में हुआ अधिग्रहण

सूत्रों के मुताबिक, दानापुर–बिहटा एलिवेटेड रोड परियोजना के लिए कुल 22 मौजों में 104 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया है। अब तक 1002 रैयतों को करीब 191 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है। दानापुर के एसडीओ ने बताया कि परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया लगातार जारी है और जहां-जहां कागजात पूरे हो चुके हैं, वहां मुआवजा भुगतान किया जा रहा है।


एसडीओ के अनुसार, कई मामलों में जमीन के कागजात अधूरे होने या जांच लंबित रहने के कारण भुगतान में देरी होती है। कागजात पूरे होने के बाद रैयतों को तुरंत मुआवजा दिया जाता है। साथ ही, अवैध या अधिग्रहित जमीन पर बने स्ट्रक्चर हटाने की कार्रवाई भी जारी है।


पहले हो चुका है विभागीय निरीक्षण

गौरतलब है कि दिसंबर महीने में पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों ने दानापुर–बिहटा एलिवेटेड रोड परियोजना का निरीक्षण किया था। इस दौरान परियोजना की प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी चुनौतियों की समीक्षा की गई थी। अधिकारियों ने निर्माण एजेंसी को जल्द से जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए थे। निर्माण एजेंसी की ओर से भी तय समय सीमा में परियोजना पूरी करने का आश्वासन दिया गया था।


हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि जमीन अधिग्रहण और स्थानीय समस्याओं के बिना समाधान के यह परियोजना तय समय पर पूरी होती नहीं दिख रही। यदि प्रशासन और निर्माण एजेंसी मिलकर इन अड़चनों को जल्द दूर कर लेती है, तो दानापुर–बिहटा एलिवेटेड रोड क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।

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