ब्रेकिंग
अशोकधाम भगदड़ के बाद अलर्ट मोड में सरकार, अंतिम सोमवारी और पूर्णिमा के मौके पर 10 अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति, पूरी लिस्ट देखिएपश्चिम चंपारण बस हादसा: पांच लोगों की मौत के बाद सड़क पर उतरे परिजन, शव सड़क पर रखकर की मुआवजे की मांगलुंगी पहनकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंचे विधायक IP गुप्ता, पत्रकारों से बोले-‘मोदी जी मेरे सपने में आए थे’ पटना में डराने लगी गंगा: भद्र घाट और महावीर घाट की सड़क पर पानी; SDRF और NDRF को अलर्ट रहने के निर्देशस्कूल से लौट रही छात्रा पर धारदार हथियार से हमला, गर्दन पर गंभीर चोट; हालत नाजुक अशोकधाम भगदड़ के बाद अलर्ट मोड में सरकार, अंतिम सोमवारी और पूर्णिमा के मौके पर 10 अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति, पूरी लिस्ट देखिएपश्चिम चंपारण बस हादसा: पांच लोगों की मौत के बाद सड़क पर उतरे परिजन, शव सड़क पर रखकर की मुआवजे की मांगलुंगी पहनकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंचे विधायक IP गुप्ता, पत्रकारों से बोले-‘मोदी जी मेरे सपने में आए थे’ पटना में डराने लगी गंगा: भद्र घाट और महावीर घाट की सड़क पर पानी; SDRF और NDRF को अलर्ट रहने के निर्देशस्कूल से लौट रही छात्रा पर धारदार हथियार से हमला, गर्दन पर गंभीर चोट; हालत नाजुक

दागी जनप्रतिनिधियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, चुनाव रद्द करने से इनकार, संसद के पाले में गेंद

DELHI : देश के अंदर दागी जनप्रतिनिधियों का चुनाव रद्द करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला किया है. सुप्रीम कोर्ट ने दागियों का चुनाव रद्द करने के लिए केंद्र को कोई भी आदेश देन

दागी जनप्रतिनिधियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, चुनाव रद्द करने से इनकार, संसद के पाले में गेंद
First Bihar
2 मिनट

DELHI : देश के अंदर दागी जनप्रतिनिधियों का चुनाव रद्द करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला किया है. सुप्रीम कोर्ट ने दागियों का चुनाव रद्द करने के लिए केंद्र को कोई भी आदेश देने से स्पष्ट तौर पर इंकार करते हुए कहा है कि ये विधाई मुद्दे हैं, जो देश के संसद के विशेषाधिकार में आते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि वह ऐसे मामले में सरकार को कोई आदेश नहीं देगा.


दरअसल सुप्रीम कोर्ट में दागी विधायकों और सांसदों के चुनाव को शून्य घोषित करने के लिए एक याचिका दायर की गई थी. इस याचिका में मांग की गई थी कि कोर्ट स्किन सरकार को यह निर्देश दें कि वह ऐसे जनप्रतिनिधि जिनके ऊपर अपराधिक मामले चल रहे हैं. उनका चुनाव रद्द करें.


याचिकाकर्ता की तरह से अपील की गई थी कि 5 साल या उससे अधिक की सजा होने की संभावना वाले जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कारवाई की जाए लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को आदेश देने से इनकार कर दिया है.


आपको बता दें कि देश में 4442 ऐसे नेता हैं, जिनके खिलाफ हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक के अपराधिक मुकदमे चल रहे हैं. इनमें से लगभग ढाई हजार ऐसे विधायक और सांसद हैं, जिनके खिलाफ मुकदमे लंबित हैं.


इसी को आधार बनाते हुए याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी. लेकिन कोर्ट ने इसे विधाई मुद्दा बताते हुए केंद्र सरकार को कोई दिशा निर्देश देने से मना कर दिया.