1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 16 Jan 2026 07:46:50 AM IST
- फ़ोटो
Nitish Kumar : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बहुप्रतीक्षित ‘समृद्धि यात्रा’ शुक्रवार को पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया से शुरू हो रही है। यह यात्रा राज्य में चल रही विकास योजनाओं की जमीनी समीक्षा, नई परियोजनाओं की शुरुआत और जनता से सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। पहले चरण की यह यात्रा 16 जनवरी से 24 जनवरी तक चलेगी, जिसमें उत्तर बिहार के कई अहम जिलों को शामिल किया गया है।
समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री प्रगति यात्रा और सात निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित योजनाओं का स्थल निरीक्षण करेंगे। इसके साथ ही वे जिलों की अन्य महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की भी समीक्षा करेंगे। यात्रा के क्रम में मुख्यमंत्री विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और कार्यारंभ करेंगे। इन कार्यक्रमों के बाद वे आम लोगों से जनसंवाद करेंगे, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं और सुझावों को सीधे सुना जा सके।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से पटना से रवाना होकर सुबह 11.30 बजे कुमारबाग औद्योगिक प्रक्षेत्र स्थित हेलीपैड पर उतरेंगे। इसके बाद वे बेतिया में निर्धारित कार्यक्रमों में भाग लेंगे और दोपहर 1.15 बजे वापस पटना के लिए प्रस्थान करेंगे। यात्रा का पहला चरण क्षेत्रीय संतुलन और विकास की गति को परखने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यात्रा कार्यक्रम के अनुसार, शनिवार को पूर्वी चंपारण, जबकि रविवार को मुख्यमंत्री पटना में ही रहेंगे। इसके बाद सोमवार को सीतामढ़ी और शिवहर, मंगलवार को गोपालगंज, बुधवार को सिवान, गुरुवार को सारण, शुक्रवार को मुजफ्फरपुर और शनिवार को वैशाली जिले में मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा प्रस्तावित है। इन सभी जिलों में विकास कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ अधिकारियों के साथ बैठकें होंगी।
समृद्धि यात्रा को लेकर राज्य प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने इस संबंध में सभी विभागीय प्रधानों और जिलों में तैनात वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारियों को जिला स्तर पर कार्यक्रम के समन्वय और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रत्येक जिले में यात्रा के अंत में समीक्षा बैठक आयोजित होगी, जिसमें मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक तथा संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव मौजूद रहेंगे।
समीक्षा बैठकों में सबसे पहले पिछली प्रगति यात्रा के दौरान घोषित योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की जाएगी। गौरतलब है कि दिसंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान कुल 430 योजनाओं की घोषणा की गई थी। इनमें से 428 योजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है, जबकि दो योजनाएं तकनीकी कारणों से नामंजूर कर दी गई थीं।
इन योजनाओं का संबंध राज्य सरकार के 22 विभागों से है और इनके लिए लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 10 दिसंबर को स्वयं इन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की थी। अधिकारियों के अनुसार, एक महीने पहले तक दो दर्जन से अधिक योजनाएं पूरी हो चुकी थीं, जबकि शेष पर तेजी से काम जारी है।
समृद्धि यात्रा को राज्य सरकार विकास की रफ्तार को नई दिशा देने और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के एक अहम कदम के रूप में देख रही है। मुख्यमंत्री का सीधा संदेश है कि योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंचे।