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Service Charge : लालच करना पड़ा महंगा! मुंबई से पटना तक 27 रेस्टोरेंट्स के खिलाफ CCPA ने लिया बड़ा एक्शन, पढ़िए, क्या रही वजह?

देश के किसी भी होटल या रेस्तरां में ग्राहकों से अनिवार्य रूप से सेवा शुल्क वसूलना अब पूरी तरह से अवैध हो गया है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने स्पष्ट किया है कि सेवा शुल्क का भुगतान उपभोक्ता की स्वेच्छा पर आधारित होगा

Service Charge : लालच करना पड़ा महंगा! मुंबई से पटना तक 27 रेस्टोरेंट्स के खिलाफ CCPA ने लिया बड़ा एक्शन, पढ़िए, क्या रही वजह?
Tejpratap
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Service Charge : देश में होटल और रेस्तरां अब ग्राहकों से अनिवार्य रूप से सेवा शुल्क (Service Charge) वसूल नहीं सकते। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि उपभोक्ताओं से सेवा शुल्क वसूलना कानून के खिलाफ है और सभी रेस्तरां तथा होटल को CCPA के दिशानिर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। यह निर्णय उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी आधिकारिक बयान में सामने आया।


CCPA ने उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत देश के 27 रेस्तरां द्वारा अपनाई जा रही अनुचित व्यापार प्रथाओं का स्वतः संज्ञान लिया है। इनमें विशेष रूप से उन प्रतिष्ठानों को शामिल किया गया है जो अनिवार्य रूप से सेवा शुल्क वसूलते थे।


यह कार्रवाई दिल्ली उच्च न्यायालय के 28 मार्च 2025 के फैसले के बाद की गई। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि रेस्तरां द्वारा अनिवार्य सेवा शुल्क वसूलना कानून के खिलाफ है। न्यायालय ने कहा कि सभी रेस्तरां और होटल CCPA के दिशानिर्देशों का पालन करेंगे और CCPA कानून के अनुसार अपने दिशानिर्देशों को लागू करने के लिए पूरी तरह सशक्त है।


CCPA ने 4 जुलाई 2022 को पहले भी दिशानिर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों के अनुसार, कोई भी होटल या रेस्तरां खाने के बिल में जानबूझकर सेवा शुल्क नहीं जोड़ेगा। किसी भी अन्य नाम से सेवा शुल्क वसूलना भी निषेध है। उपभोक्ताओं को स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि सेवा शुल्क का भुगतान स्वैच्छिक और वैकल्पिक है। यदि ग्राहक भुगतान करने से इनकार करता है तो उसे प्रवेश या सेवाओं से वंचित नहीं किया जा सकता। साथ ही, सेवा शुल्क पर जीएसटी भी लागू नहीं होगा।


हाल ही में राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर विस्तृत जांच की गई। जांच में पता चला कि पटना के कैफे ब्लू बॉटल और मुंबई के चाइना गेट रेस्टोरेंट प्राइवेट लिमिटेड (बोरा बोरा) सहित कई प्रतिष्ठान CCPA और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर रहे थे। ये रेस्तरां स्वतः ही 10 प्रतिशत सेवा शुल्क वसूल रहे थे। दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी इस प्रथा को अवैध घोषित करते हुए CCPA के निर्देशों की पुष्टि की।


इस जांच के परिणामस्वरूप CCPA ने पटना के कैफे ब्लू बॉटल को आदेश दिया कि वह ग्राहकों को वसूल किए गए सेवा शुल्क की पूरी राशि लौटाए। इसके अलावा, रेस्तरां को 30,000 रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। वहीं, मुंबई स्थित बोरा बोरा के चाइना गेट रेस्टोरेंट ने सुनवाई के दौरान ही वसूला गया सेवा शुल्क वापस कर दिया। साथ ही, CCPA ने बोरा बोरा रेस्टोरेंट को अपने सॉफ़्टवेयर-जनरेटेड बिलिंग सिस्टम को संशोधित करने के निर्देश दिए हैं। उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन और अनुचित व्यापार प्रथा के लिए रेस्तरां पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।


CCPA ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी होटल या रेस्तरां में अनिवार्य सेवा शुल्क वसूलने का अनुभव होता है तो वे तुरंत राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करें। इस कदम से उपभोक्ता जागरूक होंगे और रेस्तरां अपने व्यापारिक व्यवहार में पारदर्शिता बनाएंगे। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण का यह कदम देशभर में रेस्तरां और होटल उद्योग में अनुचित प्रथाओं को रोकने और उपभोक्ताओं के अधिकारों को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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