ब्रेकिंग
इंसानियत जिंदा है: सांप को मुंह में लेकर युवक ने दिया CPR, बचा ली जान, देखिये पूरा वीडियोजमुई छेड़खानी कांड पर बोले JDU नेता, 'छिटपुट घटना घटती है…', विपक्ष ने साधा निशानाUPSC Success Story: 3 बार प्रीलिम्स में मिली नाकामी... चौथी कोशिश में हासिल की AIR 28, जानिए कैसे IAS बनीं प्राची हनीकौन है मोतिहारी का वो 'कंस' जो वैश्य नेताओं को खत्म कर रहा ? BJP के पूर्व सांसद का किस बड़े नेता पर है सीधा इशारा....बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह का इस्तीफा, सियासी गलियारे में हलचल तेजइंसानियत जिंदा है: सांप को मुंह में लेकर युवक ने दिया CPR, बचा ली जान, देखिये पूरा वीडियोजमुई छेड़खानी कांड पर बोले JDU नेता, 'छिटपुट घटना घटती है…', विपक्ष ने साधा निशानाUPSC Success Story: 3 बार प्रीलिम्स में मिली नाकामी... चौथी कोशिश में हासिल की AIR 28, जानिए कैसे IAS बनीं प्राची हनीकौन है मोतिहारी का वो 'कंस' जो वैश्य नेताओं को खत्म कर रहा ? BJP के पूर्व सांसद का किस बड़े नेता पर है सीधा इशारा....बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह का इस्तीफा, सियासी गलियारे में हलचल तेज

100 करोड़ के फर्जी GST रिफंड घोटाले में CBI की रेड, पटना के तत्कालीन एडिशनल कमिश्नर सहित 30 पर केस दर्ज

CBI ने 100 करोड़ रुपये के फर्जी निर्यात बिल और GST रिफंड घोटाले में पटना, पूर्णिया, जमशेदपुर, नालंदा और मुंगेर में एक साथ 7 ठिकानों पर छापेमारी की। पटना के तत्कालीन एडिशनल कमिश्नर कस्टम सहित 30 लोगों पर एफआईआर दर्ज है।

bihar
CBI की रेड
© google
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: करीब 100 करोड़ रुपये के फर्जी निर्यात बिलों के जरिए फर्जी GST दावों के लिए पटना के तत्कालीन एडिशनल कमिश्नर, सीमा शुल्क और 29 अन्य के खिलाफ दर्ज मामले में CBI ने छापेमारी की। इन पर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने का आरोप है। 


केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने फर्जी निर्यात बिलों के जरिए फर्जी जीएसटी दावों से संबंधित मामले में एक साथ 7 ठिकानों पर छापेमारी की गयी। पटना और पूर्णिया में 2-2 जगहों पर छापा मारा गया। वही जमशेदपुर, नालंदा और मुंगेर में भी तलाशी ली गई।


सीबीआई की रेड में 100 ग्राम 7 सोने की छड़ें, आपत्तिजनक दस्तावेज और मोबाइल फोन बरामद किया गया है। दर्ज एफआईआर में यह आरोप लगाया गया है कि दो आरोपी, तत्कालीन अधीक्षक, सीमा शुल्क, एलसीएस भीमनगर और दो अन्य आरोपी तत्कालीन अधीक्षक, सीमा शुल्क, एलसीएस जयनगर (अब सहायक आयुक्त, सीमा शुल्क) और तत्कालीन अतिरिक्त आयुक्त, सीमा शुल्क, पटना ने आरोपी जी-कार्ड धारक / निजी व्यक्ति और निर्यातक फर्मों और 23 आयातक फर्मों और अज्ञात अन्य के साथ आपराधिक साजिश की। 


जिसमें एलसीएस, भीमनगर, जयनगर और भिट्ठामोर से टाइल्स और ऑटोमोबाइल पार्ट्स के नकली निर्यात की अनुमति देने / दिखाने के बेईमान इरादे से या तो रिफंड प्राप्त करने या क्षेत्राधिकार वाले जीएसटी कार्यालय से कर रिफंड का दावा करने के लिए, उपरोक्त लोक सेवकों को अनुचित तरीके से सार्वजनिक कर्तव्य निभाने के लिए प्रेरित किया। ताकि इन निजी पार्टियों / निर्यातकों को अनुचित लाभ दिखाया जा सके और सरकारी खजाने को गलत नुकसान पहुंचाया जा सके। यह भी आरोप लगाया गया है कि इन फर्जी निर्यात बिलों के माध्यम से लगभग 100 करोड़ रुपये के फर्जी जीएसटी दावों के बारे में संदिग्ध फर्मों/निर्यातकों द्वारा धोखाधड़ी का दावा किया गया है।