PATNA: पटना के गर्दनीबाग में धरना पर बैठे बीपीएससी टीआरई-4 के छात्रों से अचानक देर शाम मिलने पहुंचे सांसद चिराग पासवान ने छात्रों की समस्याए सुनी। छात्रों ने उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए एक ज्ञापन सौंपा। जिसके बाद वहां से चिराग पासवान सीधे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलने के लिए लोक सेवक आवास पहुंच गये। जहां छात्रों से जुड़ी समस्याओं को उनके समक्ष चिराग पासवान ने रखा।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद जब वो लोक सेवक आवास से बाहर निकले तब मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए चिराग पासवान ने कहा कि मैं युवाओं के साथ और हर उस व्यक्ति के साथ मजबूती से खड़ा हूं, जिसके साथ किसी भी कारणवश कोई अन्याय हो रहा है। मुझे नहीं फर्क पड़ता कि मैं उस सरकार का हिस्सा हूं तो क्या मैं विपक्ष की भूमिका बांध रहा हूं। मुझे नहीं लगता कि मैं विपक्ष के रूप में इन बातों को रख रहा हूं। छात्रों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री जी से बातचीत हुई। चिराग ने कहा कि संवाद ही समाधान की ओर लेकर जाएगा। अब हम लोग समाधान की ओर बढ़ रहे हैं।
चिराग पासवान ने कहा कि जिस तरीके से छात्रों ने अपनी बातों को रखा। छात्रों को इतना संघर्ष करना पड़ रहा है। मैंने यह प्रयास किया है कि मैं सेतू का काम करूं और मैंने उचित मंच तक इसे पहुंचाने का काम किया है। मुख्यमंत्री जी से मिलकर छात्रों की समस्याओं का निदान निकालने की बात कही।
मैं जब मुख्यमंत्री जी से मिलने निकल रहा था तब मुझे इस बात का अहसास हुआ कि मैं जिनकी बात रखने जा रहा हूं तो उनसे संवाद करके जाना जरूरी है। छात्रों से गर्दनीबाग जाकर मिला उनकी बातों को सुना। उनकी 15 सूत्री मांगों को समझा और मुख्यमंत्री जी से मिलकर एक एक बिन्दू पर चर्चा की। मुख्यमंत्री जी ने भी बातों को पॉजिटिवली ली। संभवत देर रात मुख्यमंत्री जी विभाग के तमाम अधिकारियों के साथ इस विषय पर चर्चा करेंगे।
चिराग ने कहा कि मैं मानता हूं कि बहुत जल्द इसका समाधान हो जाएगा। संवाद से ही समाधान निकलेगा जो आज मैंने किया। मैं इसको विपक्ष की भूमिका नहीं मानता। मैं इसे एक जायज भूमिका मानता हूं। जब मैं विपक्ष में था उस वक्त मैं इनकी आवाज बना और आज सत्ता पक्ष में हूं तो खामोशी से कान में रूई डालकर बैठ जाऊं यह मेरी सोच नहीं है। मैंने हर उस विषय को उठाया।
भरत तिवारी मामले में भी मैंने बिना किसी संदेह के परिवारवालों से मुलाकात की मुख्यमंत्री जी से संवाद किया और आज समाधान निकला। घटना दुखद घटी थी। संवाद के बाद पीड़ित परिवार की मदद के लिए तमाम फैसले मुख्यमंत्री ने लिया। जिस सरकार का मैं हिस्सा हूं उस सरकार में कोई आवाज अनसुनी ना रह जाए ये प्रयास मेरा जरूर रहता है।





