ब्रेकिंग
पश्चिम चंपारण बस हादसा: पांच लोगों की मौत के बाद सड़क पर उतरे परिजन, शव सड़क पर रखकर की मुआवजे की मांगलुंगी पहनकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंचे विधायक IP गुप्ता, पत्रकारों से बोले-‘मोदी जी मेरे सपने में आए थे’ पटना में डराने लगी गंगा: भद्र घाट और महावीर घाट की सड़क पर पानी; SDRF और NDRF को अलर्ट रहने के निर्देशस्कूल से लौट रही छात्रा पर धारदार हथियार से हमला, गर्दन पर गंभीर चोट; हालत नाजुक होमगार्ड जवान हत्याकांड: 9 साल बाद आया कोर्ट का फैसला, तीन दोषियों को उम्रकैद की सजापश्चिम चंपारण बस हादसा: पांच लोगों की मौत के बाद सड़क पर उतरे परिजन, शव सड़क पर रखकर की मुआवजे की मांगलुंगी पहनकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंचे विधायक IP गुप्ता, पत्रकारों से बोले-‘मोदी जी मेरे सपने में आए थे’ पटना में डराने लगी गंगा: भद्र घाट और महावीर घाट की सड़क पर पानी; SDRF और NDRF को अलर्ट रहने के निर्देशस्कूल से लौट रही छात्रा पर धारदार हथियार से हमला, गर्दन पर गंभीर चोट; हालत नाजुक होमगार्ड जवान हत्याकांड: 9 साल बाद आया कोर्ट का फैसला, तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा

BPSC में अधिकतम उम्र सीमा में छूट मामले पर सुनवाई पूरी, पटना हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

PATNA : इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है. पटना हाईकोर्ट में बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को उम्र सीमा में छूट देने के मामले में सुनव

BPSC में अधिकतम उम्र सीमा में छूट मामले पर सुनवाई पूरी, पटना हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
First Bihar
2 मिनट

PATNA : इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है. पटना हाईकोर्ट में बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को उम्र सीमा में छूट देने के मामले में सुनवाई पूरी हो गई. हियरिंग के बाद उच्च न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रखा है. जयदीप अभय और अन्य की ओर से दायर रिट याचिकाओं पर जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह ने सभी पक्षों का बहस सुनने के बाद निर्णय को सुरक्षित रखा है. 


याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट को बताया गया कि राज्य में पिछले 15 वर्षों से लोक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा को हर साल लेने की जगह दो तीन वर्षों की परीक्षा एक साथ संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित किया जाता है. हर साल बहाली के लिए परीक्षा आयोजित नहीं होने के कारण अभ्यार्थियों को परीक्षा में बैठने का समान अवसर नहीं मिलता है.


याचिकाकर्ताओं का कहना है कि परीक्षा में शामिल होने की उम्र सीमा खत्म होने के बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर प्राप्त नहीं होता है. उन्हें समान अवसर नहीं मिलने के कारण उनके साथ न्याय नहीं हो पाता है. अगर हर वर्ष परीक्षा का आयोजन किया जाता तो कैंडिडेट को पूरा अवसर मिलता. साथ ही संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित करने पर अवसर कम मिल पाएंगे.


वहीं बीपीएससी की तरफ से इन याचिकाओं का विरोध करते हुए अधिवक्ता संजय पाण्डेय ने कोर्ट को बताया गया संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में अधिकतम उम्र में छूट दी जाती रही है. साथ ही उन परीक्षाओं में  हर वर्ष की रिक्तियां भी एकसाथ सम्मिलित रहती है. अभ्यार्थियों को उचित अवसर मिलता मिलता है. हाई  कोर्ट ने सभी पक्षों का बहस सुनने के बाद  इस मामले पर निर्णय सुरक्षित रख लिया है.