Nitin Nabeen : BJP में युवा नेतृत्व की ओर बड़ा कदम: नितिन के फैसले के बाद मंत्रिमंडल और संगठन में बड़े फेरबदल की तैयारी; पढ़िए क्या है पूरी खबर

नितिन नबीन 45 वर्ष की उम्र में बने भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष। संगठन और केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव की तैयारी, संघ परिवार के साथ समन्वय और चुनाव 2026 के लिए रणनीति।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 08 Jan 2026 09:30:27 AM IST

Nitin Nabeen : BJP में युवा नेतृत्व की ओर बड़ा कदम: नितिन के फैसले के बाद मंत्रिमंडल और संगठन में बड़े फेरबदल की तैयारी; पढ़िए क्या है पूरी खबर

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Nitin Nabeen : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में परिवर्तन की प्रक्रिया अब तेजी पकड़ रही है। दिसंबर 2025 में पार्टी ने बिहार के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नितिन नबीन (45 वर्ष) को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया। यह पद भाजपा के इतिहास में अब तक किसी सबसे युवा नेता को दिया गया है। नितिन नबीन बिहार की राजधानी पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार के विधायक रह चुके हैं और नीतीश कुमार सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में भी कार्यभार संभाल चुके हैं। उनका राजनीतिक सफर युवा मोर्चा में सक्रियता और संगठनात्मक जिम्मेदारियों से भरा रहा है, जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में संगठन को मजबूत करने का काम किया है। वर्तमान में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जनवरी 2020 से इस पद पर हैं, लेकिन अब जनवरी 2026 के मध्य तक नितिन नबीन के औपचारिक रूप से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने की संभावना है।


राष्ट्रीय परिषद में अनुमोदन और नई टीम

भाजपा सूत्रों के अनुसार, नबीन के चुनाव को भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में अनुमोदित किया जाएगा, जो इस महीने के अंत तक होने की उम्मीद है। सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद नबीन संगठन में व्यापक फेरबदल करेंगे और अपनी नई टीम बनाएंगे। यह टीम पूरी तरह ‘समावेशी’ प्रक्रिया का परिणाम होगी, जिसमें पार्टी और संघ परिवार के बीच तालमेल को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।


केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव

भाजपा के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया कि नबीन की टीम पार्टी और संघ परिवार के बीच समन्वय और विचारधारा के अनुरूप काम करेगी। इसके साथ ही संगठन में व्यापक फेरबदल से केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी बदलाव होने की उम्मीद जताई जा रही है। भाजपा सूत्रों ने कहा कि जून 2024 में मंत्रिमंडल के गठन के बाद से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। वर्तमान में मोदी मंत्रिमंडल केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के कामकाज की समीक्षा कर रहा है। इस समीक्षा के बाद युवा नेतृत्व के साथ-साथ जाट समुदाय के प्रतिनिधियों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है। यह कदम सरकार और संगठन में जाट समुदाय के घटते प्रतिनिधित्व को सुधारने की दिशा में भी देखा जा रहा है।


भाजपा और संघ परिवार का समन्वय

साथ ही, पार्टी सूत्रों ने कहा कि नबीन ने भाजपा और उसके वैचारिक मार्गदर्शक आरएसएस के बीच संबंधों और समन्वय को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण पहलें शुरू कर दी हैं। इसके तहत केंद्र सरकार और भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकारों के बीच सक्रिय समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। आरएसएस और भाजपा संगठन पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य सरकारों के कामकाज की समीक्षा करेंगे और विभिन्न आयोगों सहित सरकारी एवं अर्ध-सरकारी निकायों में नई नियुक्तियों पर चर्चा करेंगे। इससे कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं के लिए केंद्रीय स्तर पर संगठनात्मक या सरकारी भूमिकाएं निभाने का मार्ग खुल सकता है।


वरिष्ठ नेताओं को नई भूमिकाएं

भाजपा नेता ने बताया कि इस प्रक्रिया में उन नेताओं को समायोजित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिन्होंने लंबे समय तक संघ परिवार के साथ अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में कार्य किया है। यह प्रक्रिया केवल बिहार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन राज्यों में भी होगी जहाँ आगामी महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जैसे कि पश्चिम बंगाल, असम, केरल और तमिलनाडु। पार्टी सूत्रों के अनुसार, हाल ही में आयोजित भाजपा और आरएसएस की समन्वय बैठकों में यह बात सामने आई कि ऐसे नेताओं की पहचान करना जरूरी है जो तीन-चार दशकों से संघ परिवार से जुड़े हुए हैं लेकिन संगठन, सरकार या अन्य सार्वजनिक संस्थाओं में उन्हें महत्वपूर्ण भूमिकाएं नहीं मिली हैं।


मकर संक्रांति और बजट सत्र तक घोषणाओं की संभावना

इस प्रक्रिया के तहत नितिन नबीन उन वरिष्ठ भाजपा नेताओं के समूह में शामिल हैं जो संगठनात्मक फेरबदल का समन्वय कर रहे हैं। भाजपा सूत्रों का कहना है कि उनका ध्यान उन नेताओं को महत्वपूर्ण पद देने पर है जिन्होंने अपने पूरे जीवन भाजपा और संघ परिवार के लिए समर्पित किया है। हालांकि घोषणाओं के लिए समय सीमित होगा, लेकिन यह प्रक्रिया जल्द ही परिणाम दिखाने वाली है।


सूत्रों ने यह भी बताया कि अधिकांश महत्वपूर्ण नियुक्तियां मकर संक्रांति के बाद से लेकर बजट सत्र की शुरुआत तक, यानी फरवरी की शुरुआत में होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त, आगामी राज्य चुनावों की घोषणा से पहले भी संगठन और सरकारी निकायों में नियुक्तियों की नई समयसीमा बनाई जा सकती है।


भाजपा के संगठनों से जुड़ें कुछ लोगों का कहना है कि नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से भाजपा में नया जोश और संगठनात्मक मजबूती आएगी। उनका युवा नेतृत्व पार्टी को आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए तैयार करने में मदद करेगा। इसके साथ ही संघ परिवार के साथ बेहतर समन्वय भाजपा की रणनीति को और मजबूत करेगा।


2026 चुनाव और रणनीति

केंद्रीय मंत्रिमंडल और राज्य सरकारों में बदलाव के साथ-साथ भाजपा संगठन के विभिन्न स्तरों में फेरबदल की प्रक्रिया पार्टी के रणनीतिक दृष्टिकोण और चुनावी तैयारियों का संकेत देती है। नबीन की टीम युवा और अनुभवी नेतृत्व का संतुलन बनाएगी और यह सुनिश्चित करेगी कि पार्टी की नीतियां और कार्यकारिणी राज्य और केंद्र सरकारों में समन्वित रूप से लागू हों।


यह बदलाव केवल संगठनात्मक नहीं बल्कि चुनावी रणनीति के लिहाज से भी अहम है। नबीन की सक्रियता और संघ परिवार के साथ उनकी मजबूत पकड़ पार्टी के लिए भविष्य में कई राज्यों में चुनावी सफलता की कुंजी साबित हो सकती है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए भी यह अवसर नए नेतृत्व के साथ सहयोग और जिम्मेदारी निभाने का मौका लाएगा।


इस प्रकार, भारतीय जनता पार्टी में नितिन नबीन का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनना संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर नई ऊर्जा और रणनीतिक मजबूती का प्रतीक है। आने वाले महीनों में संगठनात्मक फेरबदल और मंत्रिमंडल में बदलाव के साथ पार्टी अपने आगामी चुनावी लक्ष्यों की ओर ठोस कदम बढ़ाने की तैयारी में है।