PATNA: प्रसव पीड़ा से राहत और सुरक्षित मातृत्व सेवाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहटा के नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में लेबर एनाल्जेसिया एवं एपिड्यूरल एनाल्जेसिया विषय पर कंटिन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन (CME) कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने प्रसव के दौरान दर्द नियंत्रण की आधुनिक तकनीकों और बेहतर प्रसूति सेवाओं पर विस्तृत चर्चा की।
बिहटा के नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी एवं एनेस्थीसियोलॉजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में लेबर एनाल्जेसिया एवं एपिड्यूरल एनाल्जेसिया विषय पर CME का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रसव के दौरान होने वाली पीड़ा को वैज्ञानिक एवं सुरक्षित तरीके से कम करने तथा गर्भवती महिलाओं को बेहतर एवं सम्मानजनक प्रसूति सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों को नवीनतम जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम में ऑब्स्टेट्रिक्स एवं गायनेकोलॉजी विभाग की HOD डॉ. अंजना सिन्हा, प्रोफेसर डॉ. विनिता सहाय, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. तृप्ति सिन्हा, डॉ. प्रियंका रानी, डॉ. संवेदना, डॉ. जह्नवी, डॉ. रानू, डॉ. स्वाति एवं डॉ. अपराजिता सहित अन्य चिकित्सकों एवं पीजी विद्यार्थियों ने सहभागिता की। एनेस्थीसियोलॉजी विभाग की ओर से HOD डॉ. प्रमोद कुमार सहित विभाग के चिकित्सकों एवं पीजी विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही।
CME के दौरान विशेषज्ञों ने लेबर पेन के पाथवे, दर्द नियंत्रण की आधुनिक तकनीकों, एपिड्यूरल एनाल्जेसिया, इसके लाभ, सावधानियों तथा प्रसव के दौरान मातृ एवं भ्रूण की निगरानी के बारे में विस्तृत जानकारी दी। ऑब्स्टेट्रिक्स एवं एनेस्थीसियोलॉजी विभाग के बीच बेहतर समन्वय को सुरक्षित एवं प्रभावी लेबर एनाल्जेसिया के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। कार्यक्रम में चिकित्सकों के बीच संवाद एवं प्रश्नोत्तर सत्र भी हुआ, जिसमें लेबर एवं डिलीवरी के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों तथा उनके वैज्ञानिक समाधान पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम का विशेष संदेश
“प्रसव एक महिला के जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण अनुभव है। सुरक्षित प्रसव के साथ-साथ प्रसव पीड़ा को कम करना और महिला की गरिमा एवं मानसिक संतुष्टि का ध्यान रखना भी आधुनिक चिकित्सा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऑब्स्टेट्रिक्स एवं एनेस्थीसियोलॉजी विभाग का संयुक्त प्रयास इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।” कार्यक्रम के सफल आयोजन में दोनों विभागों के वरिष्ठ चिकित्सकों, फैकल्टी सदस्यों, पीजी विद्यार्थियों एवं समस्त टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।









