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बिहार में बिना जुताई अब आलू की खेती: जीरो टिलेज पर सरकार का फोकस, जल्द लागू होगी नई तकनीक

Bihar News: बिहार सरकार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने शुक्रवार को पटना स्थित भा.कृ.अनु.प.- केन्द्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, क्षेत्रीय केन्द्र में आयोजित एकदिवसीय कृषक प्रशिक्षण क

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Mukesh Srivastava
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Bihar News: बिहार सरकार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने शुक्रवार को पटना स्थित भा.कृ.अनु.प.- केन्द्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, क्षेत्रीय केन्द्र में आयोजित एकदिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेते हुए जीरो टिलेज तकनीक को किसानों के लिए भविष्य की खेती बताया।


यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इंटरनेशनल पोटेटो सेंटर (CIP) द्वारा “पुआल मल्चिंग के साथ जीरो टिलेज एवं एपिकल रूट कटिंग द्वारा बीज उत्पादन” विषय पर आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने स्वयं खेत में उतरकर जीरो टिलेज तकनीक से आलू उत्पादन का अवलोकन किया तथा कुदाल से आलू निकालकर परंपरागत एवं आधुनिक तकनीक की तुलना की। 


उन्होंने कहा कि यह तकनीक किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी है, जिससे उत्पादन लागत में कमी, जल एवं उर्वरक की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। मंत्री ने कहा कि बदलते जलवायु परिदृश्य में टिकाऊ एवं आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाना समय की मांग है। जीरो टिलेज तकनीक में पराली को जलाने के बजाय मल्च के रूप में उपयोग किया जाता है, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और धान कटाई के तुरंत बाद बिना जुताई आलू की बुवाई संभव हो जाती है।


विशेषज्ञों ने बताया कि इस तकनीक से पारंपरिक विधि की तुलना में 14 से 28 प्रतिशत तक उत्पादन वृद्धि, लगभग 35 प्रतिशत लागत में कमी तथा 50 प्रतिशत तक जल की बचत संभव है। साथ ही मृदा की गुणवत्ता और फसल की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।


कार्यक्रम में जीविका से जुड़ी विभिन्न जिलों की 150 से अधिक महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही, जिसकी मंत्री ने सराहना करते हुए इस तकनीक को राज्यभर में व्यापक स्तर पर अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस नवाचार को तेजी से पूरे बिहार में विस्तार दिया जाए। इस अवसर पर नाबार्ड, जीविका, डिजिटल ग्रीन सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं कृषि वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

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