Bihar News: बिहार के गेहूं उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने राज्य में गेहूं खरीद का लक्ष्य दस गुना बढ़ाकर 1.80 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। पहले यह लक्ष्य केवल 18 हजार एमटी था। नए लक्ष्य के तहत सहकारिता विभाग को 1.30 लाख एमटी और एफसीआई को 50 हजार एमटी गेहूं खरीदने की जिम्मेदारी दी गई है। इससे राज्य के हजारों किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अपनी फसल बेचने का मौका मिलेगा।
राज्य में 1 अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू हो चुकी है, जो 15 जून तक चलेगी। शुरुआती 24 दिनों में पैक्स, व्यापार मंडलों और एफसीआई ने मिलकर करीब 17,500 एमटी गेहूं की खरीद की थी। सीमित लक्ष्य के कारण केवल लगभग 3,800 किसान ही एमएसपी का लाभ उठा पाए थे, जिससे किसानों में चिंता बढ़ गई थी।
किसान संगठनों, पैक्सों और व्यापार मंडलों की मांग के बाद लक्ष्य में यह बढ़ोतरी की गई है। राज्य में कुल 4,645 क्रय केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 4,514 केंद्र पैक्सों और व्यापार मंडलों के हैं, जबकि 131 केंद्र एफसीआई के हैं। इन केंद्रों पर किसानों को प्रति क्विंटल 2,585 रुपये की दर से भुगतान किया जाएगा। सहकारिता विभाग ने निर्देश दिया है कि खरीद के 48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
लक्ष्य बढ़ने के बाद खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी जिलों के लिए नए सिरे से लक्ष्य तय कर दिए हैं। इससे पैक्स और व्यापार मंडलों को भी राहत मिली है। वर्तमान में बाजार में गेहूं की कीमत 2,200 से 2,400 रुपये प्रति क्विंटल के बीच है, जो एमएसपी (2,575 रुपये) से कम है। ऐसे में पहले पैक्सों पर खरीद का दबाव था और कई किसान गेहूं बेचने से हिचक रहे थे। अब लक्ष्य बढ़ने से खरीद प्रक्रिया में तेजी आने और किसानों को बेहतर लाभ मिलने की उम्मीद है।
