Bihar Weather: बिहार में फिर परेशान करेगी गर्मी, मानसून के ड्राई स्पेल की शुरुआत; पारा जाएगा 40℃ के ऊपर

Bihar Weather: बिहार में मानसून हुआ कमजोर, तापमान 40 डिग्री के करीब गया। पूर्णिया, भागलपुर, मुंगेर, गया सहित कई जिलों में आज वज्रपात का येलो अलर्ट। जानें 8-10 जुलाई का मौसम पूर्वानुमान।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 08, 2025, 7:47:59 AM

Bihar Weather

प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google

Bihar Weather: बिहार में मानसून की रफ्तार थम गई है और ड्राइ स्पेल की शुरुआत के साथ गर्मी ने फिर से लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग पटना के अनुसार मानसून ट्रफ के दक्षिण की ओर खिसकने से बारिश की गतिविधियां कम हो गई हैं और अगले तीन दिन तक अधिकांश जिलों में बारिश की संभावना न के बराबर है। इससे तापमान में तेजी से इजाफा हुआ है और कई जिलों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। सोमवार को गोपालगंज में सबसे अधिक 39 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जबकि पटना का अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री से अधिक रहा।


हालांकि, कुछ जिलों में हल्की बारिश और वज्रपात की संभावना को देखते हुए IMD ने येलो अलर्ट जारी किया है। सीमांचल क्षेत्र के पूर्णिया, कटिहार और अंगक्षेत्र के भागलपुर, बांका, मुंगेर, जमुई, नवादा और गया में मंगलवार, 8 जुलाई को हल्की बारिश के साथ मेघगर्जन और वज्रपात का खतरा है। इन जिलों में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और ऊंची जगहों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, छपरा, बक्सर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और सुपौल में भी तापमान 35 डिग्री से अधिक दर्ज हुआ, जिससे उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया।


IMD के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक बिहार में तेज धूप और उमस बरकरार रहेगी। औरंगाबाद, गया, डेहरी, और सासाराम में तापमान 33 डिग्री से अधिक रहा, जबकि पूर्णिया में 35.6 डिग्री और भागलपुर में 33.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बताया कि 15 जुलाई के आसपास मानसून फिर से सक्रिय हो सकता है, जिससे बारिश की संभावना बढ़ेगी। तब तक गर्मी और उमस से राहत की उम्मीद कम है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेती-किसानी के लिए मौसम अपडेट्स पर नजर रखें, क्योंकि कम बारिश से फसलों पर असर पड़ सकता है।


इस बीच, हाल के दिनों में बिहार में भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ा था, लेकिन अब इसमें थोड़ी स्थिरता देखी जा रही है। गोपालगंज, सुपौल, और पूर्णिया जैसे जिलों में बाढ़ का खतरा कम हुआ है, लेकिन वज्रपात का जोखिम बना हुआ है। मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। पटना और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना कम है।