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Bihar Monsoon Session 2026: आज से शुरू हुआ बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र, ₹50 हजार करोड़ के अनुपूरक बजट समेत 13 बड़े विधेयक होंगे पेश

बिहार विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र आज से शुरू हो गया है। सम्राट चौधरी सरकार ₹50 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश करेगी, जबकि विपक्ष महंगाई, यूरिया संकट और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

Bihar Monsoon Session 2026: आज से शुरू हुआ बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र, ₹50 हजार करोड़ के अनुपूरक बजट समेत 13 बड़े विधेयक होंगे पेश
Tejpratap
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पटना : बिहार विधानमंडल का पांच दिवसीय मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई एनडीए सरकार के गठन के बाद यह पहला मानसून सत्र है, इसलिए राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह सत्र 20 जुलाई से 24 जुलाई 2026 तक चलेगा। सरकार इस दौरान करीब 50 हजार करोड़ रुपये का पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी, वहीं विपक्ष महंगाई, किसानों को यूरिया की कमी, कानून-व्यवस्था और भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी कथित एनकाउंटर जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

मुख्य बातें (Highlights)

  • 20 से 24 जुलाई तक चलेगा पांच दिवसीय मानसून सत्र।

  • सम्राट चौधरी सरकार का पहला मानसून सत्र।

  • करीब ₹50 हजार करोड़ का पहला अनुपूरक बजट होगा पेश।

  • सदन में 13 महत्वपूर्ण विधेयक रखे जाएंगे।

  • विपक्ष महंगाई, यूरिया संकट और कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरने की तैयारी में।

  • विधानसभा परिसर के आसपास 24 जुलाई तक धारा 144 लागू।

सम्राट सरकार के लिए बड़ी परीक्षा

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। ऐसे में यह मानसून सत्र उनकी सरकार के लिए पहला बड़ा विधायी परीक्षण माना जा रहा है। सरकार का फोकस विकास योजनाओं की रफ्तार बनाए रखने और नई योजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय मंजूरी हासिल करने पर रहेगा।

सत्र के पहले ही दिन वित्त विभाग वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करेगा। जानकारी के मुताबिक, सरकार लगभग 50 हजार करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च की मंजूरी मांगेगी। इस राशि का बड़ा हिस्सा शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और अन्य विकास योजनाओं पर खर्च किया जाएगा।

बजट पर कब होगी चर्चा?

सत्र के दौरान अलग-अलग दिनों में विधायी कार्यों का कार्यक्रम भी तय किया गया है।

  • 20 जुलाई: अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा।

  • 21 और 22 जुलाई: प्रश्नकाल के बाद विभिन्न सरकारी विधेयकों पर चर्चा होगी।

  • 23 जुलाई: अनुपूरक बजट पर विस्तृत बहस होगी और सरकार के जवाब के बाद इसे पारित कराया जाएगा।

  • 24 जुलाई: गैर-सरकारी संकल्पों पर चर्चा के साथ सत्र का समापन होगा।

विपक्ष ने बनाई सरकार को घेरने की रणनीति

मानसून सत्र से पहले विपक्ष ने सरकार के खिलाफ कई अहम मुद्दे तय किए हैं। हालांकि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के विदेश से लौटने की अब तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है, लेकिन विपक्षी दल सरकार को कई मोर्चों पर घेरने की तैयारी में हैं।

विपक्ष जिन मुद्दों को उठाएगा

  • भोजपुर के भरत तिवारी कथित एनकाउंटर का मामला। लगातार बढ़ती महंगाई। किसानों को यूरिया उपलब्ध नहीं होने की शिकायत। राज्य की वित्तीय स्थिति। कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था। हालांकि, सरकार का दावा है कि वह विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है और तय समय के भीतर सभी विधायी कार्य पूरे किए जाएंगे।

सदन में पेश होंगे 13 बड़े विधेयक

इस मानसून सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन के पटल पर रखेगी। इनमें प्रशासन, शहरी विकास, उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि और राजस्व से जुड़े कई अहम प्रस्ताव शामिल हैं।

प्रमुख विधेयकों की सूची

  • बिहार नगर विकास विधेयक, 2026

  • बिहार निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026

  • बिहार दुकान एवं प्रतिष्ठान (रोजगार विनियमन एवं सेवा शर्त) (निरसन) विधेयक, 2026

  • भारतीय स्टाम्प (बिहार संशोधन) विधेयक, 2026

  • निबंधन (बिहार संशोधन) विधेयक, 2026

  • बिहार ईज ऑफ डुईंग बिजनेस विधेयक, 2026

  • बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, 2026

  • बिहार जीएसटी (संशोधन) विधेयक, 2026

  • बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजन के लिए संपरिवर्तन) (निरसन) विधेयक, 2026

  • बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026

  • बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक, 2026

  • बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026

  • बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) (संशोधन) विधेयक, 2026

विधानसभा परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मानसून सत्र को देखते हुए राजधानी पटना में विधानसभा परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। प्रशासन ने 24 जुलाई तक धारा 144 लागू कर दी है। इस दौरान पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक रहेगी। बिना अनुमति धरना, प्रदर्शन, रैली और जुलूस नहीं निकाले जा सकेंगे। हथियार और विस्फोटक सामग्री लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा। लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए प्रशासन की अनुमति आवश्यक होगी।

क्यों अहम है यह मानसून सत्र?

यह मानसून सत्र केवल बजट और विधेयकों तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ सम्राट चौधरी सरकार अपने पहले बड़े विधायी सत्र में विकास और प्रशासनिक सुधारों के एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी, वहीं दूसरी ओर विपक्ष महंगाई, किसानों की समस्याओं और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास करेगा।


ऐसे में अगले पांच दिनों तक बिहार विधानमंडल की कार्यवाही पर पूरे राज्य की नजर रहेगी। सरकार जहां अपने विकास एजेंडे को गति देने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास करेगा। यही वजह है कि इस बार का मानसून सत्र बिहार की राजनीति और शासन, दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।