1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 23 Feb 2026 10:02:33 AM IST
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Bihar Assembly : बिहार विधानसभा के बजट सत्र का आज 15वां दिन काफी अहम माना जा रहा है। सत्र के इस चरण में जहां सरकार अपने वित्तीय एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है, वहीं विपक्ष कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति में जुटा है। सदन की कार्यवाही आज प्रश्नकाल से शुरू हुई, जिसमें विभिन्न विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल उठाए गए।
प्रश्नकाल के दौरान गृह विभाग, वाणिज्य कर विभाग, वित्त विभाग, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, सिविल विमानन विभाग, निगरानी विभाग, गन्ना उद्योग विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, सामन्य प्रशासन/प्रसारण विभाग, उद्योग विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग तथा निर्वाचन विभाग से संबंधित प्रश्नों के उत्तर संबंधित मंत्रियों द्वारा दिए गए। विधायकों ने बिजली आपूर्ति की स्थिति, राजकोषीय प्रबंधन, उद्योगों के विकास, अल्पसंख्यकों के कल्याणकारी योजनाओं और आईटी क्षेत्र में हो रहे विस्तार जैसे विषयों पर सरकार से जवाब मांगा।
विपक्षी सदस्यों ने खास तौर पर कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए हालिया आपराधिक घटनाओं का मुद्दा सदन में उठाने की तैयारी की है। उनका आरोप है कि राज्य में अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं और सरकार इस पर नियंत्रण पाने में विफल रही है। हालांकि प्रश्नकाल के दौरान निर्धारित विभागों से जुड़े सवालों पर ही चर्चा और जवाब हुए।
प्रश्नकाल के बाद सदन में शून्यकाल की कार्यवाही हुई, जिसमें सदस्यों को तात्कालिक जनहित के मुद्दे उठाने का अवसर मिला। इसके बाद कार्यस्थगन प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया हुई। हालांकि बजट सत्र के दौरान कार्यस्थगन प्रस्ताव आमतौर पर स्वीकार नहीं किए जाते, इसलिए इसकी स्वीकृति की संभावना नहीं के बराबर रही। इसके उपरांत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लिए गए, जिनमें विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं पर सरकार का ध्यान खींचा गया।
दोपहर में भोजनावकाश के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित की गई। इसके बाद दूसरे सत्र की कार्यवाही शुरू होने पर वर्ष 2026-27 के आय-व्यय से संबंधित विनियोग विधेयक पर चर्चा निर्धारित है। इस दौरान सदन में बजट के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत वाद-विवाद होगा। विपक्ष जहां बजट के आंकड़ों और योजनाओं पर सवाल खड़े करेगा, वहीं सरकार अपनी नीतियों और विकास योजनाओं का बचाव करेगी।
विनियोग विधेयक पर चर्चा के बाद संबंधित मंत्री सरकार की ओर से उत्तर देंगे। इसके जरिए सरकार यह स्पष्ट करेगी कि आगामी वित्तीय वर्ष में किन प्राथमिकताओं पर जोर दिया जाएगा और संसाधनों का आवंटन किस प्रकार किया जाएगा। कुल मिलाकर, बजट सत्र का 15वां दिन राजनीतिक रूप से गरमाहट भरा रहने के आसार हैं, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।