1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 13 Jan 2026 04:35:17 PM IST
परिवहन विभाग की VC - फ़ोटो social media
PATNA: राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने मंगलवार को सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभागीय योजनाओं और सेवाओं की समीक्षा की। बैठक में ड्राइविंग लाइसेंस (DL), वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र (RC), परमिट, हिट एंड रन एवं नॉन हिट एंड रन दावे, मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल और बस-स्टॉप जैसे मामलों की समीक्षा की गई।
निर्धारित समय में करें लंबित मामलों का निष्पादन
राज्य परिवहन आयुक्त ने कहा कि परिवहन विभाग की सेवाएं सीधे आम नागरिकों से जुड़ी हैं, इसलिए इन सेवाओं का समयबद्ध निष्पादन हमारी जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि दायित्व भी है। उन्होंने सभी जिलों को लक्ष्य निर्धारित करते हुए निर्देश दिया कि 31 जनवरी 2026 तक ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण से जुड़े सभी लंबित मामलों को शून्य किया जाए। विशेष रूप से 6 माह और 1 वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के साथ निपटाने को कहा गया।
वाहन डीलर का लॉगिन आईडी करें रद्द
बैठक में जिलों द्वारा बताया गया कि कई वाहन पंजीकरण से संबंधित मामले डीलर या एजेंसी स्तर पर लंबित हैं। इस पर उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित एजेंसियों के साथ बैठक कर लंबित मामलों का तुरंत समाधान कराया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा में कंप्लायंस नहीं किया जाता है तो संबंधित डीलर/शोरूम के लॉगिन आईडी रद्द करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बिना पंजीकरण वाले वाहन सड़क पर नहीं चलने चाहिए।
जिलों में प्रतिदिन चलाएं हेलमेट-सीटबेल्ट जांच
हेलमेट-सीटबेल्ट जागरूकता अभियान के साथ-साथ प्रवर्तन तंत्र द्वारा प्रभावी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि हेलमेट तथा सीटबेल्ट नहीं लगाने के मामले में राज्य सरकार की ज़ीरो टॉलरेंस नीति है। इसलिए सघन रूप से अभियान चलाकर नियम का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि हेलमेट और सीटबेल्ट जीवन रक्षक है, सड़क दुर्घटना की स्थिति में गंभीर चोटों को कम करते हैं और लोगों का जीवन बचाते हैं।
सड़क सुरक्षा के लिहाज से कर्व वाले स्थानों पर लगवाएं मिरर
राज्य परिवहन आयुक्त ने निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा के लिहाज तीखा मोड, ब्लाइंड स्पॉट, कर्व इत्यादि जगहों पर मिरर और साइनेजेज लगवाने की दिषा में कार्रवाई करें। सड़क दुर्घटना दुर्घटना संभावित स्थानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण हाईवे पर टी-प्वाइंट और कर्व वाले स्थानों पर दुर्घटना की संभावना अधिक रहती है। ऐसे स्थानों पर मिरर लगाने, साइनेज लगाने तथा चौराहों और डिवाइडर पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाने की कार्रवाई शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया गया। साथ ही ब्लाइंड स्पॉट की पहचान कर उन्हें सुधारने पर जोर दिया गया।