ब्रेकिंग
पटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानीबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं इंजीनियर कुमार शैलेंद्र? जो सम्राट सरकार में बनने जा रहे मंत्रीशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनापटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानीबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं इंजीनियर कुमार शैलेंद्र? जो सम्राट सरकार में बनने जा रहे मंत्रीशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चना

Bihar News: बिहार में ट्रेन पलटाने की साजिश! बाल-बाल बची हाजारों यात्रियों की जान, जानिए कैसे टला बड़ा होदसा...

शनिवार रात ट्रेन रफ्तार में थी कि अचानक पटरी पर कुछ संदिग्ध दिखा। ड्राइवर के कुछ सेकंड के फैसले ने हजारों जानें बचा लीं। आखिर कैसे टला यह बड़ा हादसा, जानिए पूरी कहानी।

Bihar News: बिहार में ट्रेन पलटाने की साजिश! बाल-बाल बची हाजारों यात्रियों की जान, जानिए कैसे टला बड़ा होदसा...
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

BIHAR NEWS: बिहार के झंझारपुर निर्मली रेलखंड पर एक बड़ी रेल दुर्घटना की साजिश का मामला सामने आया है। समय रहते लोको पायलट की सतर्कता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई। घटना दरभंगा फारबिसगंज मेमू ट्रेन से जुड़ी है जो शनिवार रात अपने निर्धारित मार्ग पर चल रही थी। जब ट्रेन तमुरिया स्टेशन के पास पहुंची तो लोको पायलट की नजर रेलवे ट्रैक पर रखे एक भारी लोहे का खंभापर पड़ी। यह खंभा लगभग साढ़े तीन मीटर लंबा बताया जा रहा है। 


स्थिति की गंभीरता को समझते हुए लोको पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाया और ट्रेन को समय रहते रोक दिया। यदि थोड़ी भी देरी होती तो ट्रेन के पटरी से उतरने की आशंका थी जिससे बड़ा हादसा हो सकता था।


घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन और स्थानीय पुलिस हरकत में आ गई। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक से लोहे के अवरोधक को हटाया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह कोई सामान्य घटना नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश हो सकती है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार उसी ट्रैक से रात करीब आठ बजकर बीस मिनट पर एक मालगाड़ी सुरक्षित रूप से गुजर चुकी थी। 


इसके बाद लगभग नौ बजकर सत्रह मिनट पर मेमू ट्रेन उस स्थान पर पहुंची। इससे यह संदेह गहराया है कि मालगाड़ी के गुजरने के बाद और मेमू ट्रेन के आने से पहले के लगभग एक घंटे के भीतर किसी ने जानबूझकर ट्रैक पर अवरोधक रखा।


मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने छह विशेष जांच टीमें गठित की हैं। इन टीमों में रेलवे सुरक्षा बल, राजकीय रेल पुलिस, खुफिया विभाग और क्राइम ब्रांच के अधिकारी शामिल हैं। सभी टीमें अलग अलग दिशाओं में जांच कर रही हैं ताकि साजिश में शामिल लोगों की पहचान की जा सके। आसपास के गांवों में पूछताछ की जा रही है और संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखी जा रही है। 


पुलिस ने इस सिलसिले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। उनसे यह जानने की कोशिश की जा रही है कि कहीं वे इस घटना से जुड़े तो नहीं हैं या उन्हें किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी है।


रेलवे अधिकारियों का कहना है कि घटना को हल्के में नहीं लिया जा सकता क्योंकि इस तरह की हरकत से बड़ी जनहानि हो सकती थी। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। ट्रैक की नियमित निगरानी और पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। 


संबंधित खबरें