1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 12 Jan 2026 07:44:31 AM IST
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Bihar industrialists : बिहार को लंबे समय तक केवल कृषि और श्रमशक्ति वाले राज्य के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन समय के साथ-साथ यहां से ऐसे कई उद्योगपति निकले जिन्होंने न सिर्फ देश बल्कि पूरी दुनिया में अपनी कारोबारी पहचान बनाई। इन उद्योगपतियों ने यह साबित किया कि संसाधनों की कमी के बावजूद मेहनत, सोच और दूरदृष्टि से वैश्विक कंपनियां खड़ी की जा सकती हैं। आज बिहार मूल के कई उद्योगपति खनन, फार्मा, सुरक्षा सेवाएं, ऊर्जा, इथेनॉल और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
अनिल अग्रवाल बिहार से जुड़े सबसे बड़े और चर्चित उद्योगपतियों में गिने जाते हैं। पटना में जन्मे अनिल अग्रवाल ने बेहद साधारण परिस्थितियों से निकलकर Vedanta Resources जैसा वैश्विक समूह खड़ा किया। खनन, धातु, तेल और गैस के क्षेत्र में वेदांता आज दुनिया की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। अनिल अग्रवाल की सफलता बिहार के युवाओं के लिए यह संदेश देती है कि छोटे शहरों से निकलकर भी वैश्विक कारोबारी साम्राज्य खड़ा किया जा सकता है।
इसी तरह रविंद्र किशोर सिन्हा (आर.के. सिन्हा) ने सुरक्षा सेवा के क्षेत्र में क्रांति ला दी। बक्सर में जन्मे आर.के. सिन्हा ने Security and Intelligence Services (SIS) की स्थापना की, जो आज भारत ही नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी अपनी सेवाएं दे रही है। SIS लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराती है। पत्रकारिता से करियर की शुरुआत करने वाले आर.के. सिन्हा ने यह साबित किया कि सोच और साहस से किसी भी क्षेत्र में बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है।
फार्मास्यूटिकल उद्योग में बिहार का नाम रोशन करने वालों में समप्रदा सिंह और महेंद्र प्रसाद का नाम प्रमुख है। जहानाबाद से ताल्लुक रखने वाले समप्रदा सिंह ने Alkem Laboratories की नींव रखी, जो आज भारत की प्रमुख दवा कंपनियों में शामिल है। वहीं, महेंद्र प्रसाद ने Aristo Pharmaceuticals को एक बड़े फार्मा समूह के रूप में स्थापित किया। इन दोनों उद्योगपतियों ने दवा उद्योग में बिहार की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई और हजारों लोगों को रोजगार दिया।
नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सुमंत सिन्हा एक जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने ReNew Power की स्थापना कर भारत में सौर और पवन ऊर्जा को नई दिशा दी। आज ReNew Power देश की सबसे बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में शामिल है। जलवायु परिवर्तन और स्वच्छ ऊर्जा को लेकर सुमंत सिन्हा की सोच वैश्विक मंचों पर भी सराही जाती है। उनका बिहार से जुड़ाव प्रदेश के युवाओं को भविष्य के उद्योगों की ओर प्रेरित करता है।
बिहार में हाल के वर्षों में उभरते उद्योगपतियों में शुभम सिंह का नाम तेजी से सामने आया है। मुजफ्फरपुर के रहने वाले शुभम सिंह ने Bharat Oorja Distilleries के माध्यम से बिहार का पहला अनाज-आधारित इथेनॉल संयंत्र शुरू किया। इथेनॉल उत्पादन न सिर्फ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि किसानों को भी सीधा लाभ पहुंचा रहा है। यह पहल बिहार को औद्योगिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इन बड़े नामों के अलावा बिहार से जुड़े कई उद्यमी स्टार्ट-अप, टेक्नोलॉजी, फिनटेक और सामाजिक उद्यम के क्षेत्र में भी पहचान बना रहे हैं। स्वच्छता, डिजिटल सेवाएं और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में बिहार मूल के उद्यमियों का योगदान लगातार बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बिहार में उद्योग-अनुकूल नीतियां, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश का माहौल मजबूत किया जाए, तो प्रदेश के स्थानीय उद्योगपति और भी तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। इससे न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि बिहार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
कुल मिलाकर, बिहार के ये उद्योगपति राज्य की पहचान बदलने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इन्होंने यह साबित कर दिया है कि बिहार केवल श्रमिक देने वाला राज्य नहीं, बल्कि उद्यमिता और नेतृत्व की भूमि भी है। आने वाले समय में यदि सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर काम करें, तो बिहार उद्योग और निवेश के नक्शे पर और मजबूती से उभर सकता है।