ब्रेकिंग
सड़क किनारे मिला 30 वर्षीय युवक का शव, सिर पर धारदार हथियार के निशान; हत्या की आशंका से इलाके में सनसनीPatliputra Township: आज से ही सेटेलाइट टाउनशिप में जमीन की 'खरीद-बिक्री' पर लगी रोक हटाई गई, नगर विकास विभाग का बड़ा फैसला 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए मुखिया जी, मनरेगा भुगतान के बदले मांग रहे थे कमीशनबिहार में हजारों शिक्षकों पर मंडराया खतरा? NIOS से D.El.Ed करने वालों की जांच के आदेश, शिक्षा विभाग ने मांगी रिपोर्टनगर निगम कर्मियों की हड़ताल से पटना बेहाल, तीसरे दिन घरों से नहीं उठा कचरासड़क किनारे मिला 30 वर्षीय युवक का शव, सिर पर धारदार हथियार के निशान; हत्या की आशंका से इलाके में सनसनीPatliputra Township: आज से ही सेटेलाइट टाउनशिप में जमीन की 'खरीद-बिक्री' पर लगी रोक हटाई गई, नगर विकास विभाग का बड़ा फैसला 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए मुखिया जी, मनरेगा भुगतान के बदले मांग रहे थे कमीशनबिहार में हजारों शिक्षकों पर मंडराया खतरा? NIOS से D.El.Ed करने वालों की जांच के आदेश, शिक्षा विभाग ने मांगी रिपोर्टनगर निगम कर्मियों की हड़ताल से पटना बेहाल, तीसरे दिन घरों से नहीं उठा कचरा

Bihar Teacher Transfer: 1.06 लाख शिक्षकों पर बड़ा फैसला! बिहार में सरप्लस टीचर की होगी नई तैनाती, जानें पूरी प्रक्रिया

बिहार में शिक्षकों के तबादले को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। शिक्षा विभाग ने 1.06 लाख सरप्लस शिक्षकों की पहचान की है। इनमें 65 हजार से ज्यादा प्राथमिक शिक्षक शामिल हैं। अब इन्हें बाल वाटिका, आंगनबाड़ी केंद्रों और जरूरत वाले स्कूलों में तैनात किया जा

Bihar Teacher Transfer
Bihar Teacher Transfer
© ai photo
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

Bihar Teacher Transfer :  बिहार में शिक्षकों के तबादले को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के सरकारी स्कूलों में मानक से अधिक संख्या में पदस्थापित शिक्षकों को अब दूसरे स्थानों पर तैनात किया जाएगा। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि प्रदेश में इस समय करीब 1.06 लाख अधिशेष (सरप्लस) शिक्षक हैं। इन शिक्षकों को जरूरत के हिसाब से उन विद्यालयों, बाल वाटिकाओं और आंगनबाड़ी केंद्रों में भेजा जाएगा, जहां शिक्षकों की कमी है।

शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की संख्या और छात्रों के अनुपात का आकलन ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से किया है। इसके आधार पर वैसे विद्यालयों की पहचान की गई है, जहां निर्धारित मानक से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं। सरकार का लक्ष्य है कि हर स्कूल में बच्चों की संख्या के अनुसार पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हों और पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर हो।

प्राथमिक विद्यालयों में सबसे ज्यादा सरप्लस शिक्षक

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के अनुसार, राज्य के सरकारी विद्यालयों में कुल 1.06 लाख अतिरिक्त शिक्षक चिन्हित किए गए हैं। इनमें से 65,413 शिक्षक सिर्फ पहली से पांचवीं कक्षा वाले प्राथमिक विद्यालयों में अतिरिक्त पाए गए हैं।सरकार की योजना है कि इन शिक्षकों को चरणबद्ध तरीके से ऐसे स्कूलों में भेजा जाए, जहां शिक्षक कम हैं या किसी खास विषय के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि, राज्य के कुछ जिलों में अभी भी शिक्षकों की कमी बनी हुई है। इनमें खास तौर पर अररिया, जमुई और पूर्णिया जिले शामिल हैं।

आंगनबाड़ी और बाल वाटिका में भी होगी तैनाती

मंत्री ने बताया कि बिहार के करीब 10 हजार सरकारी विद्यालयों के परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। अब इन केंद्रों और स्कूलों के आसपास स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों में भी प्राथमिक शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे छोटे बच्चों की शुरुआती शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। बाल वाटिका और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की भूमिका अहम होगी।

30 बच्चों पर एक शिक्षक का मानक

शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिए तय मानक के आधार पर यह प्रक्रिया शुरू की है। नियम के अनुसार 30 बच्चों पर एक शिक्षक होना चाहिए। जिन विद्यालयों में इससे अधिक शिक्षक पदस्थापित हैं, उन्हें सरप्लस की श्रेणी में रखा गया है। ऐसे शिक्षकों को उन विद्यालयों में भेजा जाएगा, जहां छात्र संख्या के अनुपात में शिक्षकों की जरूरत है। विभाग का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह डेटा के आधार पर होगी, ताकि किसी स्कूल में शिक्षकों की कमी न रहे।

शिक्षकों की इच्छा के अनुसार होगा तबादला

शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों का तबादला पूरी तरह ऐच्छिक होगा। जिन शिक्षकों को स्थानांतरण चाहिए, उन्हें ऑनलाइन आवेदन करना होगा। बिना आवेदन किए किसी शिक्षक का तबादला नहीं किया जाएगा। तबादले के लिए शिक्षक अपनी पसंद के विद्यालयों का विकल्प दे सकेंगे। शिक्षक कम से कम 30 विद्यालयों का विकल्प चुन सकते हैं। विभाग उन्हीं विकल्पों में से किसी एक विद्यालय में उनका स्थानांतरण करेगा। मंत्री ने कहा कि किसी भी शिक्षक को उसके दिए गए विकल्प के बाहर किसी अन्य विद्यालय में नहीं भेजा जाएगा।

पुरुष और महिला शिक्षकों के लिए अलग व्यवस्था

तबादले की नई व्यवस्था में पुरुष और महिला शिक्षकों के लिए अलग-अलग नियम बनाए गए हैं। पुरुष शिक्षकों को उनके गृह प्रखंड के आसपास के अन्य प्रखंडों में स्थानांतरण का मौका मिलेगा। वे अधिकतम चार प्रखंडों का विकल्प दे सकेंगे। वहीं, महिला शिक्षकों को उनकी गृह पंचायत के आसपास की किसी दूसरी पंचायत में स्थानांतरण की सुविधा दी जाएगी। महिला शिक्षक अपनी पसंद के स्थान का विकल्प आवेदन के दौरान दे सकेंगी।

ई-शिक्षाकोष पर दर्ज होगी पूरी प्रक्रिया

शिक्षकों के स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से होगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने ई-शिक्षाकोष पोर्टल को सक्रिय कर दिया है। हालांकि, विभाग के सामने एक चुनौती यह भी है कि कई विद्यालयों में सभी नामांकित छात्र-छात्राओं का डेटा अभी तक ई-शिक्षाकोष पर पूरी तरह दर्ज नहीं हुआ है। ऐसे स्कूलों से डेटा अपडेट करने को कहा गया है, ताकि तबादले की प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो।

शिक्षकों की समस्या के लिए जारी हुए हेल्पलाइन नंबर

शिक्षा मंत्री ने कहा कि तबादले की प्रक्रिया के दौरान शिक्षकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और ई-शिक्षाकोष हेल्पडेस्क की सुविधा शुरू की गई है। शिक्षक अपनी समस्या या जानकारी के लिए इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।

टोल फ्री नंबर:
14417
18003454417

ई-शिक्षाकोष हेल्पडेस्क नंबर:
9523300520
9430820499

बिहार सरकार का कहना है कि इस पूरी कवायद का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों का संतुलित वितरण करना है, ताकि जहां जरूरत है वहां पर्याप्त शिक्षक पहुंच सकें और बच्चों की पढ़ाई बेहतर हो सके।