Bihar Teacher Recruitment : टीआरई-4 में 25 हजार से ज्यादा पदों पर बहाली, फरवरी तक जारी हो सकती है वैकेंसी

बिहार में शिक्षक बनने का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य के 38 में से 37 जिलों से शिक्षा विभाग को शिक्षकों की रिक्तियों का विवरण मिल चुका है और अब केवल पश्चिम चंपारण से प्रस्ताव आना बाकी है। इसके बाद आरक्षण रोस्टर को सामान्य प्रशास

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 04 Jan 2026 07:25:25 AM IST

Bihar Teacher Recruitment :  टीआरई-4 में 25 हजार से ज्यादा पदों पर बहाली, फरवरी तक जारी हो सकती है वैकेंसी

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Bihar Teacher Recruitment : बिहार में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की बहाली को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। शिक्षा विभाग को राज्य के 38 में से 37 जिलों से शिक्षकों की रिक्तियों का ब्योरा मिल चुका है। अब सिर्फ पश्चिम चंपारण जिले से रिक्ति का प्रस्ताव आना बाकी है। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से आरक्षण के अनुसार रोस्टर क्लियर कराया जाएगा और फिर इन रिक्तियों को बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) को भेज दिया जाएगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार 15 जनवरी तक बीपीएससी को रिक्तियों की अधियाचना भेजे जाने की पूरी संभावना है।


रिक्तियां मिलने के बाद बीपीएससी को टीआरई-4 (चौथा चरण शिक्षक नियुक्ति परीक्षा) का विज्ञापन जारी करने में कम से कम एक महीने का समय लगेगा। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि फरवरी के अंत तक टीआरई-4 की वैकेंसी जारी हो सकती है। बीपीएससी पहले आरक्षण रोस्टर की गहन जांच कराएगा, उसके बाद विज्ञापन का प्रारूप तैयार कर उसे प्रकाशित करेगा। विज्ञापन जारी होने के बाद अभ्यर्थियों को आवेदन के लिए लगभग एक माह का समय दिया जाएगा।


शिक्षा मंत्री सुनील कुमार पहले ही यह संकेत दे चुके हैं कि टीआरई-4 में 25 हजार से कम पदों पर बहाली नहीं होगी। विभागीय आकलन के अनुसार प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों को मिलाकर कुल रिक्तियों की संख्या 25 से 27 हजार के बीच हो सकती है। यह बहाली राज्य के करीब 78 हजार सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए की जाएगी।


बीते चार दिनों में शिक्षा विभाग को सीवान, मधेपुरा, अररिया, कटिहार और शेखपुरा जिलों से शिक्षकों की रिक्तियों का विवरण प्राप्त हुआ है। इससे पहले अन्य जिलों से भी प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। इसी क्रम में माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर. ने 31 दिसंबर को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी रोस्टर पंजी और रोस्टर विशेषज्ञ व्यक्ति के साथ 5 जनवरी को शिक्षा विभाग मुख्यालय में उपस्थित हों। इसका उद्देश्य आरक्षण से संबंधित प्रक्रिया को जल्द पूरा करना है, ताकि बहाली में कोई तकनीकी बाधा न आए।


इस बीच उच्च और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए एसटीईटी (स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) का परिणाम भी जल्द जारी होने वाला है। एसटीईटी का रिजल्ट आने के बाद बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थियों को टीआरई-4 में आवेदन करने का अवसर मिलेगा। इससे लंबे समय से शिक्षक बनने का इंतजार कर रहे युवाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।


टीआरई-4 की सबसे अहम खासियत यह होगी कि इसमें पहली बार डोमिसाइल नीति को सख्ती से लागू किया जा रहा है। इसके तहत राज्य के लगभग 85 प्रतिशत पद बिहार के युवाओं के लिए आरक्षित रहेंगे। केवल 15 प्रतिशत सीटों पर ही दूसरे राज्यों के निवासी और वे अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे, जिनकी मैट्रिक या इंटरमीडिएट की डिग्री बिहार के बाहर की है। इस फैसले का उद्देश्य बिहार के स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर देना है।


इसके अलावा महिला अभ्यर्थियों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। कक्षा 1 से 5 तक की शिक्षक भर्ती में 50 प्रतिशत और अन्य श्रेणियों में 35 प्रतिशत आरक्षण का लाभ केवल बिहार की महिला अभ्यर्थियों को मिलेगा। इससे पहले टीआरई के पहले तीन चरणों में उत्तर प्रदेश, झारखंड सहित अन्य राज्यों की महिला अभ्यर्थी बड़ी संख्या में चयनित हो गई थीं, जिसको लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठते रहे थे। अब डोमिसाइल लागू होने के बाद बिहार की महिलाओं को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।


कुल मिलाकर, टीआरई-4 को लेकर शिक्षा विभाग और बीपीएससी की तैयारियां तेज हो चुकी हैं। पश्चिम चंपारण से रिक्तियां मिलते ही प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच जाएगी। यदि सब कुछ तय समय पर हुआ तो फरवरी के अंत तक विज्ञापन और मार्च से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इससे न केवल स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी, बल्कि राज्य के हजारों युवाओं को सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका भी मिलेगा।