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bihar education news : बिहार के नियोजित शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, नए साल में नीतीश सरकार ने दिया बड़ा उपहार; जानिए क्या है ख़ास

बिहार के 82 हजार नियोजित शिक्षकों के लिए नए साल में बड़ी खुशखबरी है। नीतीश सरकार ने पांचवीं सक्षमता परीक्षा की घोषणा कर दी है, जो जनवरी के अंत या फरवरी की शुरुआत में आयोजित हो सकती है।

bihar education news : बिहार के नियोजित शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, नए साल में नीतीश सरकार ने दिया बड़ा उपहार; जानिए क्या है ख़ास
Tejpratap
Tejpratap
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bihar education news : बिहार के करीब 82 हजार नियोजित शिक्षकों के लिए नए साल की शुरुआत एक बड़ी राहत और सुनहरे अवसर के साथ हुई है। लंबे समय से जिस घोषणा का इंतजार किया जा रहा था, उसे आखिरकार नीतीश सरकार ने स्पष्ट कर दिया है। राज्य में पांचवीं सक्षमता परीक्षा को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया गया है। इसके मुताबिक यह परीक्षा जनवरी के अंतिम सप्ताह या फरवरी के पहले सप्ताह में आयोजित की जा सकती है। यह खबर सामने आते ही राज्यभर के नियोजित शिक्षकों में उत्साह का माहौल है।


ऑफिशियल एक्स अकाउंट से हुई घोषणा

पांचवीं सक्षमता परीक्षा को लेकर यह जानकारी जनता दल (यूनाइटेड) के ऑफिशियल एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट के जरिए साझा की गई है। पोस्ट में बताया गया कि परीक्षा की तैयारी अंतिम चरण में है और जल्द ही इसकी तारीखों का औपचारिक नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। नए साल के मौके पर आई यह घोषणा नियोजित शिक्षकों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं मानी जा रही है।


गौरतलब है कि सक्षमता परीक्षा के जरिए नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा मिलने का रास्ता साफ होता है। ऐसे में पांचवीं परीक्षा की घोषणा उन शिक्षकों के लिए बेहद अहम है, जो अब तक विभिन्न कारणों से पिछली परीक्षाओं में शामिल नहीं हो सके थे या सफल नहीं हो पाए थे।


लंबे समय से था परीक्षा का इंतजार

बिहार में नियोजित शिक्षकों की संख्या काफी अधिक है और बड़ी तादाद में शिक्षक इस परीक्षा के माध्यम से अपने भविष्य को सुरक्षित करना चाहते हैं। पिछले कुछ महीनों से शिक्षक संगठनों की ओर से लगातार यह मांग की जा रही थी कि सक्षमता परीक्षा की अगली तिथि जल्द घोषित की जाए। सरकार की इस घोषणा के बाद शिक्षकों में तैयारी को लेकर हलचल तेज हो गई है।


ऑफिशियल वेबसाइट से होगा आवेदन

पांचवीं सक्षमता परीक्षा के लिए नियोजित शिक्षक ऑफिशियल वेबसाइट https://sakshamtabihar.com पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान शिक्षकों को 1100 रुपये शुल्क जमा करना होगा। यह परीक्षा कक्षा 1 से 12वीं तक के शिक्षकों के लिए आयोजित की जाएगी। 


परीक्षा की अवधि ढाई घंटे की होगी, जिसमें कुल 150 ऑब्जेक्टिव (बहुविकल्पीय) प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा पैटर्न पहले की सक्षमता परीक्षाओं के समान ही रहने की संभावना है। आवेदन या परीक्षा से जुड़ी किसी भी प्रकार की तकनीकी या अन्य समस्या होने पर शिक्षकों को हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की सलाह भी दी गई है, ताकि समय रहते परेशानी का समाधान हो सके।


शिक्षकों के भविष्य से जुड़ी अहम परीक्षा

सक्षमता परीक्षा केवल एक औपचारिक परीक्षा नहीं है, बल्कि यह नियोजित शिक्षकों के करियर का अहम पड़ाव मानी जाती है। इस परीक्षा में सफल होने के बाद शिक्षकों को सरकारी सेवा से जुड़ी कई सुविधाएं मिलती हैं। ऐसे में पांचवीं सक्षमता परीक्षा को लेकर शिक्षकों में गंभीरता और तैयारी का दबाव साफ तौर पर देखा जा रहा है।


फर्जी नियोजित शिक्षकों की बढ़ीं मुश्किलें

इसी बीच बिहार में फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी पाने वाले नियोजित शिक्षकों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में निगरानी विभाग की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच के दौरान सामने आया कि राज्य के विभिन्न जिलों में 2916 नियोजित शिक्षक ऐसे हैं, जो फर्जी प्रमाणपत्र और जाली अंकपत्र के आधार पर नौकरी कर रहे थे। इन सभी शिक्षकों के खिलाफ संबंधित जिलों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह मामला शिक्षा विभाग और प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।


प्रमाणपत्र सत्यापन में हुआ खुलासा

दिसंबर 2025 तक शिक्षा बोर्ड के माध्यम से कराए गए प्रमाणपत्र सत्यापन के दौरान इन शिक्षकों के दस्तावेज फर्जी पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ शिक्षकों ने अपने अंकपत्र में छेड़छाड़ कर नंबर बढ़ा लिए, जबकि कुछ ने दूसरे व्यक्ति के नाम और रोल नंबर का इस्तेमाल कर नौकरी हासिल की थी। कई मामलों में प्रमाणपत्र में दर्ज पिता का नाम मेल नहीं खाता, तो कहीं दस्तावेज पूरी तरह से जाली पाए गए। इन खुलासों के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।


सख्ती के बीच पारदर्शिता पर जोर

सरकार एक ओर जहां सक्षमता परीक्षा के जरिए योग्य शिक्षकों को आगे बढ़ने का मौका दे रही है, वहीं दूसरी ओर फर्जीवाड़े के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की कोशिश भी कर रही है। पांचवीं सक्षमता परीक्षा की घोषणा और फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई—ये दोनों घटनाएं साफ संकेत देती हैं कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में सरकार गंभीर है। आने वाले दिनों में यह परीक्षा हजारों शिक्षकों के भविष्य की दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है।

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